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कोतवाली थाने में हुई डीजे संचालक और मांस मछली विक्रेताओं की बैठक

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खुले स्थलों में मांस मुर्गा मछली अंडो के विक्रय पर रोक
रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों लाउडस्पीकर, डी जे, बैंड आदि नही बजेंगे दिन में भी ध्वनि तीव्रता मानक मापदंड निर्धारित

उमरिया – कोतवाली थाने में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं एवं मांस, मछली, अंडा विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोतवाली टी आई राजेश चन्द्र मिश्रा और एसडीओपी नागेन्द्र प्रताप सिंह चौहान जिला मुख्यालय के सभी डीजे संचालकों और मांस, मछली, अंडा विक्रेताओं को प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा जारी किए गए निर्देश को पढ़ कर सभी को सुनाये, और बताए कि शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
एसडीओपी और टीआई ने बताया कि मध्य प्रदेश में ध्वनि विस्तारक यंत्रों लाउडस्पीकरों एवम डीजे साउंड बजाने एवं खुले स्थानों पर मांस मछली और अंडे की बिक्री के संदर्भ में राज्य शासन ने जो निर्देश दिए हैं, उसके तहत


मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के परिपालन में रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक 08 घंटे कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं बजाये जाएंगे साथ ही सभी धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थलों, आवासीय परिसरों, औद्योगिक क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के बजाने का समय एवम उसकी ध्वनि तीव्रता निर्धारित मापदंडों का निर्धारण जो शासन द्वारा घोषित किया गया है, उसे बताया गया कि इंडस्ट्रियल एरिया में दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल, कमर्शियल एरिया में दिन में 65 डेसिबल, रात्रि में 55 डेसिबल, आवासीय एरिया में दिन में 55 डेसिबल रात्रि में 45 डेसिबल और साइलेंट जोन में दिन में 50 डेसिबल और रात्रि में 40 डेसिबल में ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा। जिसके परिपालन में संबंधितों को सूचित किया गया। वहीं बताया गया कि इसकी जांच के लिए उड़न दस्तों का गठन किया गया है जो सतत निगरानी करेंगे। साथ ही सभी को निर्देशित किया गया कि आप सब इसका अक्षरशः पालन करें, और यदि आप किसी तरह का उल्लंघन करते हैं तो उसके लिए आपके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और दाण्डिक चालान किया जाएगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर आईपीसी की धारा 188 और 190 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में मीटिंग में उपस्थित एसडीओपी नागेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, नगर निरीक्षक राजेश चन्द्र मिश्रा ने शासन की मंशा और दिशा निर्देश को उपस्थित जनों के समक्ष बताते हुए कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के दुष्प्रभाव से मानव ही नहीं जीव, जंतु, पशु, पक्षी सब पर मानसिक शारीरिक और अन्य किस्म के दुष्प्रभाव हो रहे हैं जिस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के परिपालन में मध्य प्रदेश शासन द्वारा रोक लगाई गई है और उसका अक्षरशः पालन किया जाएगा।


नगर पालिका क्षेत्र और आसपास के क्षेत्र में मांस, मछली, अंडे आदि की खुले स्थानों पर बिक्री पर रोक लगाई गई है जिसके परिपालन के लिए उपस्थित दुकानदारों और व्यवसायियों को बताया गया कि नगर पालिका से विधिवत लाइसेंस प्राप्त कर उसमे वर्णित नियमों और आदेशों का पूर्ण पालन किया जाए खुले में मांस की बिक्री प्रतिबंधित की गई है उस स्थल पर ग्रीन अपारदर्शी व्यवस्था की जाए, स्वच्छता रखा जाय ताकि विक्रय किए जाने वाले मांस में किसी प्रकार का इंफेक्शन ना हो और खाने वालों पर उसके विपरीत प्रभाव न पड़े।
नगर पालिका की ओर से कोई प्रतिनिधि नही आये, मांस मछली के विक्रय के लिए स्थल निर्धारित करने स्थाई सेड बनाने की भी चर्चा हुई जिस पर शीघ्र कार्यवाही किए जाने और लोगों को व्यवस्थित स्थान पर मांस, मछली, मुर्गा, अंडा की दुकान लगाने के निर्देश इस मीटिंग में दिए गए
साथ ही इसकी उद्घोषणा नगर पालिका पाली द्वारा अपने वाहनों में लगे प्रचार यंत्रों से जन जन तक पहुंचाने की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
अब ध्वनि विस्तार के यंत्रों पर लगी रोक के कारण रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक 08 घंटे किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र धार्मिक स्थलों, सामाजिक तथा राजनैतिक कार्यक्रमों, व्यक्तिगत कार्यक्रमों एवं अन्य किसी भी प्रकार से किया जाना पूर्णतः प्रतिबंध है, अब रात्रि 10 बजे के बाद सुबह 06 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे आदि यंत्रों का उपयोग किया जाना गैर कानूनी होगा जिसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।

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