Home हेल्थ जिला अस्पताल में हुई फाइलेरिया उन्मूलन कार्यशाला सभी बने सहयोगी

जिला अस्पताल में हुई फाइलेरिया उन्मूलन कार्यशाला सभी बने सहयोगी

92
0

फाईलेरिया जैसी घातक बीमारी के उन्मू्लन हेतु सामूहिक दवा का सेवन 10 से 23 फरवरी तक जिले में 2 साल से ऊपर के समस्त लोगों को आईवरमेक्टिन, डीईसी एवं एलवेण्डाजोल की गोली खिलाई जाएगी

प्रदेश में फाइलेरिया जैसी घातक बीमारी की श्रेणी में उमरिया जिला भी चिन्हित है। यहां के अमरपुर, मानपुर, अमिलिया, मलियागुड़ा, चंदिया, अखडाड, उमरिया वार्ड नंबर 11 और वार्ड नंबर 4 में नए मरीज पाए गए हैं इतना ही नही जिले के नौगमा, अमरपुर, मानपुर सेजवाही, ताला, बकेली और चंदिया में पुराने मरीज भी हैं।
अब अगर प्रदेश के जिलों की बात करें तो कटनी, टीकमगढ़, रीवा, पन्ना, छतरपुर, दतिया, निवाड़ी, दमोह, सतना, सागर और छिंदवाड़ा में भी फाइलेरिया के मरीज पाए गए हैं।


फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन हेतु सामूहिक दवा का सेवन 10 से 23 फरवरी तक कराया जाएगा । इस दौरान 10 से 13 फरवरी तक बूथ लेबर पर, 14 से 19 फरवरी तक डोर टू डोर संपर्क कर तथा 20 से 23 फरवरी तक छूटे हुए व्यक्तियों को दवा का सेवन टीम व्दारा प्रत्यक्ष मे कराया जाएगा। दवा खिलाने वाले व्यक्तियों के उंगली पर मार्किग की जाएगी। उक्त आशय के विचार जिला मेलेरिया अधिकारी डॉक्टर व्ही एस चंदेल जिला मलेरिया अधिकारी ने जिला चिकित्सालय सभागार में आयोजित एक दिवसीय मीडिया एडवोकेसी कार्यशाला को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।


मीडिया एडवोकेसी में जिला मलेरिया सलाहकार रवि साहू, मलेरिया सुपरवाईजर धीरेंद्र मिश्रा, दिलीप सिंह सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार गण उपस्थित रहे ।
उन्होने बताया कि 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 100 एमजी की एक गोली डीईसी एवं 400 एमजी की एक गोली एलेवण्डाजोल, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को 200 एमजी की दो गोली डीईसी तथा एक गोली एलवेण्डाजोल तथा 15 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को तीन गोली 300 एमजी की डीईसी तथा एक गोली एलवेण्डाजोल की टीम व्दारा समक्ष मे खिलाई जाएगी ।


मीडिया एडवोकेसी कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला मलेरिया सलाहकार रवि साहू ने बताया कि फाइलेरिया हाथी पांव की रोकथाम के लिए 10 से 23 फरवरी तक जिले में 2 साल से ऊपर की समस्त व्यक्तियो को आइवरमेक्टिन, डीईसी एवं एलवेण्डाजोल की गोली का सेवन कराया जाएगा। इसी तरह आईवरमेक्टिन गोली का सेवन 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं 90 सेमी से ऊंचाई के बच्चों को नही कराया जाएगा।
उन्होने बताया कि डीईसी गोली दो साल से ऊपर की आयु के लोगों को खिलाई जाएगी । गर्भवती माताओ, अत्यधिक वृध्द, गंभीर रोगो से पीड़ित व्यक्ति गोली का सेवन नही करें। गोली को खाली पेट नही खाएं। गोली के प्रतिकूल प्रभाव नही है, फिर भी अगर किसी के शरीर मे माइक्रो फाइलेरिया के कीटाणु होते है तो दवा के सेवन से नष्ट होने पर अनुसांगी प्रभाव होते है जैसे सिरदर्द, बदन दर्द, पेट दर्द, उल्टी होती है तो नजदीक के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, चिकित्सक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर आवश्यक दवा प्राप्त करें। इससे घबराएं नही, यह क्षणिक होता है व मरीज स्वतः ही ठीक हो जाता है। आपकी सक्रियता से ही फाइलेरिया की रोकथाम संभव है।


वहीं डॉक्टर व्ही एस चंदेल ने बताया कि फाइलेरिया एक घातक बीमारी है इसका कोई इलाज नही है, फाइलेरिया से लोगों को हाथी पांव, हाइड्रोसील एवं महिलाओं के स्तन में गांठ होने जैसी तकलीफ होती है। क्यूलेक्स मच्छर के काटने से यह बीमारी होती है। इसको होने से रोकने के लिए मात्र जागरूकता और 5 वर्षों तक लगातार दवा का सेवन ही उपाय है। उन्होंने आम जन से अपील किया है कि दवा का सेवन अवश्य करें जिससे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here