Home करियर 6 माह से वेतन के लिए तरस रहे सपोर्ट स्टाफ के लोग

6 माह से वेतन के लिए तरस रहे सपोर्ट स्टाफ के लोग

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उमरिया – जिला अस्पताल में 15 से 20 वर्षों से बतौर सपोर्ट स्टाफ वार्ड बॉय, वार्ड आया का कार्य ईमानदारी से करते आ रहे महिला, पुरुष को आज जिला अस्पताल के सिविल सर्जन द्वारा मौखिक रूप से कह दिया गया कि आप लोगों का वेतन ऊपर से नही आ रहा है, हमारे पास कोई मद नही है जिससे आप लोगों को वेतन दे सकें। सिविल सर्जन की इस बात से सभी लोग मायूस होकर जिले के कलेक्टर के पास गुहार लगाने चले गए। वहां भी उनकी बात सुनने के बाद सीएमएचओ के पास भेज दिया गया। सभी लोगों को सीएमएचओ डॉक्टर आर के मेहरा द्वारा कह दिया गया कि आप लोगों को जिला अस्पताल से रखा गया था, वहीं से पता चलेगा, हम बात करेंगे।

दिया गया ज्ञापन

इस मामले में जब जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर के सी सोनी से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि हमको अभी सिविल सर्जन का प्रभार मिले 4 माह हुआ है इनकी नियुक्ति कब हुई है और किसने की है कोई जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल में मजदूरी मद का बजट नही आ रहा है, हम कहाँ से इनकी पेमेंट करें। हमने शासन को पत्र लिख कर बजट मांगा है जब बजट आ जायेगा इनकी पेमेंट कर दी जाएगी। हमने किसी को कार्य से पृथक नही किया है, कोई लिखित में नही दिया गया है, इनकी मर्जी हो तो सेवा देते रहें जब पैसा आएगा पेमेंट हो जाएगा।

जिला अस्पताल


हालांकि जानकारी के अनुसार जिले के कलेक्टर सभी के रिकार्ड तलब किये हैं, कब से कौन सेवा दे रहा है सारी जानकारी कलेक्टर कार्यालय में मांगी गई है।
वहीं इन लोगों का कहना है कि अब हमारे परिवार का भरण पोषण कैसे होगा, न कोई सूचना दी गई और न कुछ कहा गया बस मौखिक रूप से हटा दिया गया है। हालांकि अब देखना होगा कि जिले के कलेक्टर इन पीड़ितों के लिए क्या करते हैं।
वहीं अगर देखा जाय तो जिला अस्पताल में साईंनाथ पैरामेडिकल कालेज के छात्र – छात्राएं मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते नजर आते हैं, चाहे ड्रेसिंग रूम हो या इंजेक्शन रूम हर जगह वही लोग नजर आते हैं, उनको किस तरह अनुमति मिली हुई है इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है और न ही पैरामेडिकल कालेज में कोई उपकरण हैं जहां ये अध्ययन करते हों।
सबसे बड़ी बात यह है कि 15 से 20 वर्षों से कार्यरत सभी सपोर्ट स्टाफ का वेतन भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से लगातार किस तरह होता रहा और अब ऐसी क्या स्थिति बन गई जो बजट नही आ रहा है। जबकि चुनावी वर्ष में प्रदेश के मुखिया सभी को लुभाने के लिए दोनो हाथ से बजट और नौकरी की वर्षा कर रहे हैं तो जिला अस्पताल के लिए ऐसी कौन सी कमी आ गई। यदि यही हाल रहा तो आने वाले चुनाव में इसका क्या असर होगा, यह तो आने वाला समय ही बतलायेगा।

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