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खुल गए पर्यटकों के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के द्वार

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बाघों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर बांधवगढ़ के तीन कोर जोन में 147 जिप्सियो का हुआ प्रवेश देशी एवम विदेशी सैलानी प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ वन्य प्राणी और जंगल मे खुले में विचरण कर रहे बाघों को देख रोमांचित होंगे। तारा बाघिन एवम डॉटी बाघिन का कुनबा रहता है आकर्षण का केन्द्र।

बाघों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन के तीनों गेट आज 1 अक्टूबर से पर्यटक के लिए खुल गए है। सुबह 6 बजे से ही टाइगर सफारी के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

सफारी से पूर्व बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन के मेन गेट ताला का सजावट कर फूल मालाओं से सजाया गया और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर लवित भारती ने फीता काट कर हरी झंडी दिखा कर जिप्सियों को प्रवेश कराया।

इस तरह तीनों गेटों से सफारी शुरू हो गई है। यहाँ देशी एवम विदेशी सैलानी प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ वन्य प्राणी और जंगल मे खुले में विचरण कर रहे बाघों को देख रोमांचित होंगे। आपको बता दे तीन महीने पूर्व बांधवगढ़ कोर जोन के गेट 30 जून से बंद हो गए थे।

अब 3 महीने बाद 1 अक्टूबर को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए गए है। टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त बांधवगढ टाइगर रिज़र्व देशी एवम विदेशी सैलानियों को जमकर लुभाता है। इसके अलावा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन में अलग अलग प्रजाति के वन्य प्राणी और प्राकृतिक सुंदरता के बीच खुले में बेख़ौफ़ विचरण कर रहे बाघ, भालू, जंगली भैंस, नील गाय, बारहसिंगा, चीतल, हिरण, जंगली सुअर, एवं अनेकों प्रकार के पक्षी, मोर आदि प्रमुख आकर्षण के केंद्र होते है, यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सदैव हरा – भरा रहता है। यहां लक्ष्मण जी की लेटी हुई विशालकाय मूर्ति और पहाड़ी के ऊपर राम जानकी की अति प्राचीन मंदिर भी आकर्षण का केंद्र है। यही वजह है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के तीनो कोर जोन के गेट खुलने के पहले ही पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग कर लेते हैं और बुकिंग फुल हो जाती है। सैलानियों की बेहतर व्यवस्था के लिए टाइगर रिजर्व के गाइड और जिप्सी चालकों को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा जंगल की बारीकियों के बारे में भी जानकारी दी जाती है साथ ही सैलानियों के साथ बेहतर व्यवहार को लेकर भी प्रशिक्षित किया जाता है।

बांधवगढ़ के तीन कोर जोन में आज कुल 147 वाहन जंगल में प्रवेश किये हैं। सर्वाधिक ताला में 55, मगधी में 51 व खितौली में 41 वाहनों की अधिकतम अनुमति है। सफारी के लिए 255 गाइड पंजीकृत हैं। 25 महिला दल भी पंजीकृत है। बांधवगढ़ के स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों की मानें तो नए सत्र में पर्यटकों के लिए सर्वाधिक रोमांच बाघिन तारा के कुनबे को देखना होगा। तारा बाघिन का 6 शावकों का कुनबा है ये चार अक्सर साथ में देखे जाते हैं। इसी तरह डॉटी का परिवार भी अक्सर खितौली में आसानी से दिखता है। मगधी में डॉटी के चार फीमेल शावकों का राज है। ताला में चक्रधरा फीमेल के तीन बच्चे हैं। कजरी के चार, वनदेही के दो शावक अक्सर दिखते हैं। खितौली में ही बाघिन के चार बच्चे दो साल के वयस्क हो रहे हैं।


इस बारे में डिप्टी डायरेक्टर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लवित भारती ने बताया कि इस बार हम पॉलीथिन फ्री रखने पर पूरा जोर देंगे ताकि वन्य जीव और पार्क दोनो सुरक्षित रहे। आज हमने पूजा के उपरांत यह पर्यटन वर्ष शुरू किया है और तीन दिन तक लगातार पूरा हाउसफुल है पूरी टिकट पहले से बुक है और हमारा प्रयास रहेगा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अधिक से अधिक पर्यटक अभी और यहां का आनंद ले सकें और अपना अच्छा फीडबैक दे सकें।

वहीं जबलपुर से आईं महिला पर्यटक स्वेच्छा सिंह बताईं कि हम बहुत दिन से पहले दिन के लिए बुकिंग करके रखे हुए हैं आज बड़ी इच्छा थी कि हम यहां पहले दिन टाइगर सफारी करें इसके पहले भी आ चुके हैं और यहां बहुत अच्छी टाइगर साइटिंग होती है और हम कान्हा सतपुड़ा और भी कई पार्क घूम चुके हैं मगर सबसे अच्छा अनुभव हमारा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का ही रहा है इसीलिए आज हम यहां काफी दिनों के इंतजार के बाद प्रथम दिवस घूमने के लिए आए हुए हैं।

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