Home दुर्घटना दुकान में लगी आग सामान जल कर हुआ खाक करोड़ों का नुकसान

दुकान में लगी आग सामान जल कर हुआ खाक करोड़ों का नुकसान

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उमरिया – जिले के चंदिया थाना अंतर्गत स्टेशन रोड में रेंज कार्यालय के आगे स्थित जीवन लाल अग्रवाल के किराना दुकान में रात लगभग 12 बजे आग लग गई। आग धीरे – धीरे सुलगती रही और किसी को पता नही चल सका, जबकि उनका छोटा पुत्र पवन अग्रवाल परिवार सहित दुकान के पीछे बने घर मे सो रहे थे लेकिन पता नही चल सका, जब आग विकराल रूप धारण की तब लोगों को पता चला और नगर पालिका परिषद को सूचना दी गई, उसके बाद रात लगभग 3 बजे फायर ब्रिगेड पहुंची और तब पुलिस, नगर परिषद की टीम आग की भयावहता को देखते हुए जिले के उमरिया, नौरोजाबाद, पाली आदि जगहों से फायर ब्रिगेड की मदद मांग कर आग बुझाने में जुट गई। हालांकि दिन में 9 बजे तक आग बुझाने का कार्य जारी रहा है पूर्ण रूप से आग नही बुझाई जा सकी थी। 5 – 5 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 5 घंटे में पूर्ण रूप से आग नही बुझा सकी।
सीएमओ नगर परिषद चंदिया किशन सिंह ठाकुर ने बताया कि नुकसान इतना हुआ है कि उसका आकलन इतनी जल्दी नही हो सकता है, अभी आग बुझाने का कार्य जारी है, अनगिनत राउंड पानी डाला जा रहा है।

वहीं जीवन लाल अग्रवाल देहरादून गए हुए थे, जो वापस लौट कर आये तो उनको तत्काल नही बताया गया, उनका बड़ा पुत्र हरि ओम अग्रवाल मैहर नगर में अपनी दुकान में रहता है और छोटा पुत्र पवन अग्रवाल पिता की अनुपस्थिति में दुकान का सारा कार्य देखता है। बीती रात पवन एक ट्रक खाद्य तेल उतरवा कर गोदाम में रखवाया है और कई ट्रक खाद्य तेल, किराना पहले से रखा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने अनुमान लगाते हुए बताया कि लगभग दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।

अब सवाल यह उठता है कि उसी इलाके में आग क्यों लगती है। आपको बता दें कि वर्ष 2003 में 19 – 20 अक्टूबर की दरम्यानी रात पेशे से ट्रक चालक बैशाखू कोल निवासी जटवार मोहल्ला अपनी 4 पुत्रियों समेत पत्नी को घर के भीतर बन्द कर आग से जला कर मार दिया था।
उसके बाद देखें तो 24 मई 2007 को स्टेशन रोड चंदिया स्थित बाबू लाल अग्रवाल के लकड़ी के टाल में आग लगी थी जिसमे उनका कई लाख रुपये का नुकसान हो गया था।
उसके बाद 7 दिसम्बर 2011 में फिर से बाबूलाल अग्रवाल जी के ही लकड़ी के टाल में भीषण आग लगी जिसमे उनका मशीन सहित सब कुछ जल कर राख हो गया, इतना ही नही उस क्षति को देख कर उनके पुत्र गणेश अग्रवाल को हार्ट अटैक आ गया और कोई कुछ समझ पाता तब तक उनकी मौत हो गई थी।
उसके बाद आज जीवन लाल अग्रवाल की दुकान में उसी तरह की भीषण आग लगी और सब कुछ जल कर खाक हो गया।
आखिर ऐसी क्या बात है जो वर्षों के अंतराल में एक ही एरिया में आग लग रही है वह भी इतनी भीषण कि सब कुछ जला कर खाक हो जाता है। इस तरफ भी विचार किया जाना चाहिए।

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