Home Uncategorized बाघ के हमले से फिर एक और व्यक्ति की मौत ग्रामीण आक्रोशित

बाघ के हमले से फिर एक और व्यक्ति की मौत ग्रामीण आक्रोशित

286
0

उमरिया – जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर रेंज अन्तर्ग आने वाले ग्राम मचखेता में फिर बाघ के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं बाघ लगभग 1 घंटे तक शव को मुंह मे दबाए वहीं घूमता रहा।


सबसे बड़ी बात तो यह है कि इसी गांव में बाघ के हमले से अप्रैल से अब तक यह पांचवी मौत है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को वन और पुलिस विभाग के हवाले कर दिया और चेतावनी दिया कि जब तक बाघ को यहां से हटाया नही जाएगा तब तक हम लोग शव को नही लेंगे और सारे ग्रामीण मृतक के घर चले गए थे।
घटना के बारे में पनपथा रेंजर अर्पित मेराल ने बताया कि 55 वर्षीय प्रेम सिंह गोंड़ पिता बाबू लाल सिंह गोंड़ मवेशी चराने बफर जोन के कक्ष क्रमांक पीएफ 358 मझियारी हार में गया हुआ था तभी अचानक बाघ ने हमला कर दिया जिससे घटना स्थल पर ही प्रेम सिंह की मौत हो गई।


हालांकि घटना स्थल मानपुर रेंज के अन्तर्गत रहा लेकिन मानपुर रेंजर मुकेश अहिरवार जिले से बाहर होने के कारण पनपथा रेंजर अर्पित मेराल प्रभार में रहे और अपनी सूझ बूझ से सारे मामले को ठंडा कर ग्रामीणों को समझाइस देकर घटना स्थल पर ही शव का पंचनामा करवाई करवा कर पोस्टमार्टम करवा कर देर रात परिजनों को सौंप दिए और बाघ को हाथियों की मदद से कोर जोन में खदेड़वा दिए, साथ ही शासन के नियमानुसार मृतक के परिजन को 8 लाख रुपये देने की भी बात कही।


ग्राम मचखेता में 2 अप्रैल से अब तक 5 लोगों की मौत बाघ के हमले से हो चुकी है।
2 अप्रैल 2023 को कक्ष क्रमांक पीएफ 333 में शौच करने गए 22 वर्षीय अनुज बैगा की मौत हुई थी।
22 जुलाई 2023 को कक्ष क्रमांक पीएफ 256 में 19 वर्षीय अजय बैगा की मवेशी चराने के दौरान बाघ के हमले से मौत हुई थी।
18 अगस्त 2023 को कक्ष क्रमांक पीएफ 356 में 35 वर्षीय राज बहोर की मवेशी चराने के दौरान बाघ के हमले से मौत हुई थी।
1 अक्टूबर को पार्क खुलते के साथ कक्ष क्रमांक पीएफ 359 में 64 वर्षीय राम मिलन चौधरी की मवेशी चराने के दौरान बाघ के हमले से मौत हुई थी।


गौरतलब है कि ग्रामीणों ने हर बार पार्क प्रबंधन का विरोध किया और पार्क के आला अधिकारी कभी मौके पर नही गए, हर बार पुलिस और राजस्व के अधिकारियों को ही जाना पड़ा और गांव वालों को समझाइस देनी पड़ी, स्थितियां यहां तक हुई कि जब मंत्री मीना सिंह सहानुभूति बटोरने मौके पर गईं तो ग्रामीण महिलाओं ने बहुत भला बुरा सुनाया। वहीं गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राधेश्याम ककोडिया भी मौके पर पहुंच कर जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच की कड़ी का काम कर मामले को सुलझाने का कार्य किये थे। उस समय जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से वादा किया था कि 15 दिन के भीतर चैन लिंक फेंसिंग लगवा दी जाएगी लेकिन पार्क प्रबंधन कलेक्टर और पुलिस के माध्यम से मामले को तो सुलझवा लिए लेकिन कलेक्टर के निर्देशों को हवा में उड़ा दिया जिसका परिणाम फिर एक मौत के रूप में सामने आया, हालांकि इस बार पनपथा रेंजर अर्पित मेराल ने अपनी सूझबूझ से मामला ठंडा कर दिया। यदि पार्क प्रबंधन का यही रवैया रहेगा तो कब तक ग्रामीण सब्र करेंगे। इसी बात का विरोध गोंडवाना गणतंत्र पार्टी कर रही थी। वह ग्रामीणों की मौत पर और अधिक मुआवजे की मांग कर रही थी लेकिन प्रदेश सरकार और पार्क प्रबंधन के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। यदि गांव के बगल से फेंसिंग हो जाय तो बाघ रिहायसी इलाके में नही आ पायेगा और लोगों को अपनी जान नही गंवानी पड़ेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here