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बिजली का दंश झेल रहे 20 गांव के ग्रामीणों ने किया हाइवे जाम

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उमरिया – जिले से होकर गुजरने वाली नेशनल हाईवे 43 कटनी उमरिया खण्ड में बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दुग्बार मोड़ पर जवाहर नवोदय विद्यालय के सामने लगभग 20 गांव के ग्रामीणों ने विद्युत की समस्या को लेकर नेशनल हाईवे 43 को जाम कर दिया। आक्रोशित किसान बिजली विभाग मुर्दाबाद, जय जवान जय किसान और हमारी मांगे पूरी करो के जम कर नारे भी लगाए।

20 गांव के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से 4 सितंबर को जिला प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। कि यदि बिजली चालू नही हुई तो हम हाइवे जाम करेंगे और आज हाइवे को जाम कर दिया, घंटो जाम रहने से सैकड़ों वाहनों की लाइन दोनो तरफ लग गई।


आम जन परेशान होते रहे हैं, बस, ट्रक, कार, जीप सभी वाहन खड़े रहे। ग्रामीणों की एक ही मांग थी कि बिजली आपूर्ति सही ढंग से हो, जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जाए।
पानी न गिरने से एक तरफ जहां भीषण सूखे की स्थिति निर्मित हो गई है, जमीनों में दरारें पड़ गई है, वहीं दूसरी तरफ बिजली न मिलने से किसान तबाही की ओर जाता जा रहा है। ग्रामीण बिजली विभाग से लेकर कलेक्टर, विधायक, मंत्री सभी के दरवाजे तक दौड़ रहा है लेकिन किसानों की कोई सुनने वाला नही है। इतना ही नहीं बच्चों की भी पढ़ाई नही हो पा रही है।

दूर दराज के अंचलों से किसान अपनी फरियाद लेकर जब कलेक्टर कार्यालय पहुंचता है तो एडीएम भगा देते हैं, बिजली विभाग के अधिकारी बात ही नही करते हैं। जिले से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के बंगले पर जब अपनी फरियाद लेकर जाते हैं तो वहां वो जनता से मिलना मुनासिब नही समझती हैं, पुलिस वहां से भी भगा देती है।

यह समस्या बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र भर की नही है, मानपुर विधानसभा क्षेत्र में तो और भी बुरी स्थिति है, वहां तो कई गांव ऐसे हैं जो वर्षों से बिजली ही नही देखे हैं। कुछ गांवों में 3 – 3 वर्ष से ट्रांसफार्मर जले हुए हैं आज तक बिजली विभाग के लोग वहां तक पहुंचे ही नही। वहीं ग्रामीण कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों पर पैसे लेकर ट्रांसफ़र बदलने का भी आरोप लगा चुके हैं। दूसरी तरफ बाह्य विद्युतीकरण के नाम पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप भी जनजातीय मंत्री पर लग चुका है। मानपुर जनपद पंचायत और पाली जनपद पंचायत में बिजली के नाम पर कागजों में करोड़ों रुपये व्यय किये जा चुके है फिर भी किसान बिजली के लिए रो रहा है।

एक तरफ अपने आप को किसान पुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री 24 घंटे बिजली देने के बड़े बड़े वादे मंच से करते हैं दूसरी तरफ जनता बिजली के लिए त्राहि त्राहि कर रही है। ऐसे में अभी तो एक क्षेत्र के किसानों ने हाइवे को जाम किया है, अब दूसरे तरफ भी किसान आक्रोशित होकर सड़क जाम करने की तैयारी में जुटे हैं।

वहीं जब किसान आक्रोशित होता है तो जिला प्रशासन झूठे आश्वासन देकर शांत करने का प्रयास कर उनको चुप करवा देता है, और बिजली विभाग भी सब्जी बाग दिखा कर बिजली देने का झूठा वादा कर गायब हो जाता है।


आज भी पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी बिजली देने का वादा कर किसानों का आंदोलन तो समाप्त करवा दिए।
अब देखना होगा कि कितनी बिजली सरकार देती है। किसानों की फसल यदि सूख गई तो आने वाले चुनाव में भाजपा की फसल सूख जाएगी।

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