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फिर एक तेंदुआ शावक की संदिग्ध मौत

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उमरिया – जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर एक तेंदुआ शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। टाइगर रिजर्व के धमोखर जोन एसडीओ सुधीर मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दिनांक 30.08.2023 को मध्य रात्रि में मरदरी बीट मगधी परिक्षेत्र के कंपार्टमेंट 294 में तेंदुए की लड़ाई की आवाज सुनी गयी। अगले दिन 31.08.2023 को गस्ती में कक्ष क्र. आर एफ 294 में एक तेंदुआ शावक मृत अवस्था में पाया गया। घटना की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गयी। घटना स्थल घेरकर संरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड टीम के साथ घटना स्थल एवम आसपास के 1 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च किया। कोई अवैध गतिविधि नही पाई गई। तेंदुए शावक के कंधे एवं अन्य भागों पर दूसरे मांसहारी जीव के दांत एवं नाखून के निशान एवम घटना स्थल पर तेंदुए के आपसी संघर्ष से बने निशान पाये गये है। मृत तेंदुए शावक के बाएं पश्चपाद एवं पेट के कुछ हिस्से को मांसाहारी द्वारा खा लिया गया है एवं अन्य समस्त अंग सुरक्षित पाये गये। सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में 3 वन्यप्राणी चिकित्सकों के दल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। फोरेंसिक जांच हेतु आवश्यक सैंपल एकत्रित किये गये। घटना स्थल निरीक्षण एवं पोस्टमॉर्टम में प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार मृत्यु का प्राथमिक कारण अन्य तेंदुए के द्वारा शावक तेंदुए को मारा जाना प्रतीत होता है: मृत शावक की अनुमानित आयु 6 माह है। विस्तृत जानकारी हेतु सैंपल फोरेंसिक जांच हेतु भेजे जाएंगे। शासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में शव जलाकर नष्ट किया गया।


गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुप्रबंधन के चलते आये दिन वन्य जीवों की मौत हो रही है और पार्क प्रबंधन को शावक हो या नर हो अथवा मादा हो किसी से कोई लेना देना नही है, बस एक ही जबाब होता है कि आपसी लड़ाई में मौत हो गई। बड़ा सवाल यह है कि आपसी लड़ाई कब बन्द होगी और कब वन्य जीवों की जान बचेगी, वहीं जब आपसी लड़ाई होती है तो बस एक की ही मौत होती है और दूसरे का कहीं पता नही चलता है, न ही दूसरा घायल होता है, दूसरे वन्य जीव की तलाश भी नही की जाती है। लोगों का कहना है कि वन्य जीव भी पार्क के अधिकारियों से मिले हुए हैं, जब इनसे अनुमति मिल जाती है और पार्क का गश्ती दल बता देता है कि कंपार्टमेंट नम्बर इतने में एक कमजोर वन्य जीव बैठा है तो दूसरा बाहुबली जाकर उसकी हत्या कर फरार हो जाता है, वह भी जानता है कि वन विभाग के मंत्री से संतरी तक सब तो मिले हुए हैं हमारे होना क्या है।

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