Home लापरवाही जिम्मेदारों के आगे घुटने टेकते नियमों के बीच फंसीं सैकड़ों बालिकाएं

जिम्मेदारों के आगे घुटने टेकते नियमों के बीच फंसीं सैकड़ों बालिकाएं

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डीपीसी, बीआरसी और एपीसी ने सालों से नहीं किया छात्रावास का दौरा
बेहोश हुई छात्राओं के मामले में कलेक्टर ने की कार्यवाही, बैठाई जांच कमेटी, छात्रावास अधीक्षिका को किया निलंबित

उमरिया – जिले में लचर और विभाग की खींचतान व्यवस्था के कारण सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित होने वाले छात्रावासों में मनमर्जी का भूत सर चढ़कर बोल रहा है, कोई नेता की दुहाई दे रहा है तो कोई बड़े अधिकारी का नाम लेकर अपने अमले को डराने में लगा है और शायद इसी का नतीजा है कि लचर व्यवस्था के कारण प्रदेश सरकार की पूर्व जन जातीय कार्य मंत्री और वर्तमान मानपुर 90 विधानसभा से विधायक मीना सिंह के गृह ग्राम बेलसरा स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या छात्रावास में सालों से कोई अधिकारी निरीक्षण में नहीं पहुंचा है और वहां रहकर पढ़ाई कर रही बालिकाएं सालों से यातना की शिकार होती आ रहीं हैं। इस मामले में करकेली ब्लाक के बीआरसी, एपीसी और महिला अधिकारी को हर माह निरीक्षण करना था मगर कुर्सी तोड़ने और बजट की तरफ ध्यान देने वालों ने बालिकाओं को उनके हाल पर छोड़ दिया। इतना ही नही आकामिक निरीक्षण डीपीसी को भी करना होता है लेकिन जिले की डीपीसी तो एक तरह से कलंक की तरह हैं, जिनको किसी कार्य से कोई मतलब नही रहता। जिसका जीता जागता उदाहरण है दर्जनों बालिकाएं अचानक बेहोश हो गई और विभाग के जिम्मेदार इसे छुपाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। अब मामला जब सोसल मीडिया में वायरल हुआ तो जिला कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए कार्यवाही की और एक जांच टीम गठित कर दी है और तत्काल प्रभाव से वहां की वार्डन को निलंबित कर दिया है। जो कि जल्द ही पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी।

वार्डन ने दिखाया भूत का डर

इस मामले में वहां रह रही छात्राओं ने बताया कि हमारी वार्डन मैडम रात में तंत्र – मंत्र करवाती हैं, गुनिया और पण्डा को लेकर आती हैं, हम लोगों को खाना, नाश्ता ठीक से नही मिलता है, सुबह 10 बजे और रात में 9 बजे खाना दिया जाता है, रात में 2 रोटी मिलती है, जब सब्जी मांगते हैं तो कहती हैं कि घर मे नमक रोटी खाने वाली तुम लोग यहां अच्छा खाना मांगती हो चुपचाप जो मिलता है उसको खा लो। वहीं हम लोगों को धमकी देती हैं, कहती हैं कि यदि किसी को कुछ बताओगी तो खाल उधेड़ देंगे।


वहीं जब उसी क्षेत्र की महिला जनपद सदस्य राधा बाई को इस घटना का पता चला तो वो तत्काल छात्रावास पहुंच कर बच्चियों का हाल जानी और इसकी शिकायत अधिकारियों को करते हुए बताई कि हमको आज तक यहां का हाल नही मालुम था, आज जानकारी मिली है हमने अधिकारियों को सूचना दे दिया है कार्रवाई होगी।


वहीं घटना की जानकारी लगते ही बच्चियों के अभिभावक छात्रावास पहुंचने लगे और कहे कि अब हम यहां नहीं पढ़ाएगें।


हालांकि घटना की जानकारी लगते ही जिले के कलेक्टर और मिशन संचालक बुद्धेश कुमार वैद्य ने तत्काल प्रभाव से छात्रावास अधीक्षिका केतकी सिंह को निलंबित कर जांच शुरू करवा दिए हैं।
मामले में जो भी हो जांच टीम ही बता पायेगी लेकिन इस बात से भी किनारा नहीं किया जा सकता कि निरीक्षण करने वालों ने समय समय पर अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। साथ ही क्या जिले की डीपीसी, एपीसी, बीआरसीसी पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी जिले की परंपरा के अनुसार ठंडे बस्ते में चला जायेगा।

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