Home राज्य भाजपा प्रत्याशी का विरोध भागे मंत्री – सुरेन्द्र त्रिपाठी

भाजपा प्रत्याशी का विरोध भागे मंत्री – सुरेन्द्र त्रिपाठी

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उमरिया 01 अप्रैल – जिले में लोक सभा चुनाव के मद्देनजर बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की बैठक लेने आये उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री और लोक सभा चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह के सामने जैसे ही पैराशूट प्रत्याशी का विरोध शुरू हुआ वैसे ही भागे मंत्री, मिडिया के सवालों का भी नहीं दिए ठीक से जबाब और रवाना हो गए, वहीँ प्रत्याशी भी भाग रही है मिडिया से, नहीं रुक रहा है विरोध का सिलसिला |

देश में हो रहे लोक सभा चुनाव के लिए शहडोल संसदीय सीट अहम् हो गई है यहाँ से अभी सांसद रहे कद्दावर आदिवासी नेता ज्ञान सिंह को टिकट न मिलने से क्षेत्र में पार्टी को भारी विरोध का सामना कर पड़ रहा है, आज लोक सभा के प्रभारी और उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शहडोल संसदीय क्षेत्र के बांधवगढ़ विधान सभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आये जहां पार्टी के बहुत से नाराज पदाधिकारी पंहुचे ही नहीं वहीँ स्वतंत्र देव सिंह लोगों को बोलने ही नहीं दिए जिससे और आक्रोश बढ़ गया अपनी बात ख़त्म कर जैसे ही कार्यकर्ता नारा लगाने लगे वैसे होटल से निकल कर भागे, वहीँ मिडिया के सवालों का भी जबाब देने के नाम पर गाडी में बैठ कर चल दिए, बस अपनी – अपनी सुनाते रहे कि मोदी ही जीतेंगे |

पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा थमने का नाम नही ले रहा था तो होटल से नीचे मंत्री के पीछे आये लेकिन तब तक वो चल दिए, वहीँ टिकट की दौड़ में शामिल करकेली जनपद की अध्यक्ष कुसुम सिंह आरोप लगते हुए कहीं कि मेरे भी समझ से बाहर है सिर्फ अपनी बात रख रहे थे किसी की नहीं सुन रहे थे वो अब हमारा विश्वास डगमगाया है  जैसे कहते हैं पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दिया जाएगा हम लोग विश्वास के साथ काम करते हैं कि भविष्य में मौक़ा मिलेगा लेकिन इस तरह से पैराशूट प्रत्याशी के आ जाने से हम भी नाखुश हैं हम कैसे विश्वास कर लें कि आज जो हम मेहनत कर रहे हैं उसका कल फल मिलेगा, जबकी भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी मानी जाती है ये समझ में नहीं आया की चार दिन की आई हुई और कांग्रेस की हारी हुई कार्यकर्ता को आपने टिकट दिया है मैं भी उस पैनल में थी मेरा भी नाम था अगर एक महिला को देना था तो मैं भी पार्टी में एक महिला थी मुझे भी पार्टी में आये हुए 3 साल हो गए हैं मेरे को मुख्य मंत्री जी सदस्यता दिलाये थे मैं निर्दलीय अध्यक्ष थी मैं भी जानना चाहती हूँ कि पार्टी सेवा करने में क्या कमी रह गई जो और उसमें ऐसा क्या है जो उनको टिकट दिया गया है, संगठन ही बता सकता है कि रायशुमारी में क्या निष्कर्ष निकला है, भाजपा के पास प्रत्याशी नहीं है या कार्यकर्ताओं की कमी है जो उनको टिकट दिए, वहीँ कहीं कि जिनका जिला ही सफाया हो गया हो हिमाद्री सिंह के पति को लोक सभा का टिकट मिल चुका है और हार चुके हैं अभी हाल में विधान सभा चुनाव में उनके पति नरेन्द्र मराबी को विधान सभा की टिकट मिली थी वो नही जीत सके हिमाद्री सिंह ने मंच साझा किया उसके बाद वहां की स्थिति यह है आज अनूपपुर जिले से एक भी विधायक नहीं है वो कैसे जीतेगी |

इतना ही नहीं नाराज वरिष्ठ कार्यकर्ता कन्हैया लाल साहू कहे कि हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं और हमको कहने का मौक़ा ही नहीं दिए जब बोलने लगे तो उठ कर भाग गए हम कल की कांग्रेस से आई प्रत्याशी को नहीं चाहते पार्टी फिर से विचार करे और दूसरे को टिकट दे, वहीँ जगत राम सिंह का कहना है की 40 साल और 20 साल से पार्टी के कार्यकर्ता हैं उनको क्यों नहीं दिया गया टिकट कल तक कांग्रेस में रहने वाली को टिकट दिया गया हम इसका विरोध करते हैं और अब किसी भी मीटिंग में हम लोग नहीं आयेंगे और पार्टी का प्रचार भी नहीं करेंगे |

गौरतलब है की भाजपा द्वारा कांग्रेस से आई कार्यकर्ता को अचानक टिकट दे देना किसी के गले नहीं उतर रहा है और उनके ही गृह जिले से भाजपा का जनाधार समाप्त होना अभी से अशुभ संकेत दे रहा है |

 

 

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