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बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं, अलमस्त अधिकारी – सुरेन्द्र त्रिपाठी

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उमरिया 03 मार्च – जिले में स्वास्थ्य सुविधाएँ सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं, सरकार चाहे किसी की हो दावे सभी के खोखले साबित होते हैं, 4 साल से कोई स्वास्थ्य कार्यकर्ता नहीं है उप स्वास्थ्य केंद्र सुखदास में लोगों को जाना पड़ता है 20 किलोमीटर दूर, जिला अस्पताल में भी नहीं है स्वाईन फ़्लू वार्ड और सी एम एच ओ कर रहे हैं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की |

आईये सबसे पहले देखते हैं जिला अस्पताल उमरिया का हाल, इन दिनों प्रदेश में स्वाईन फ़्लू के मरीजों की संख्या नजर आ रही है पडोसी जिले शहडोल में भी एक महिला की मौत स्वाईन फ़्लू से हो गई और प्रदेश सरकार भी सभी जिला अस्पतालों को सतर्क रहने और अलग वार्ड बनाने का निर्देश जारी कर चुका है लेकिन उमरिया जिला अस्पताल में वार्डों की जानकारी के लिए सूचक बोर्ड तो लगा है जिसमें लिखा है कमरा नंबर 27 को स्वाईन फ़्लू वार्ड बताया गया है लेकिन वहां पर स्टोर रूम का बोर्ड लगा है और ताला लटका है वहीँ अगर ओ पी डी में देखा जाय तो मात्र 2 डाक्टर सेवा देते नजर आ रहे हैं, जबकि सी एम एच ओ डाक्टर राजेश श्रीवास्तव अलग वार्ड और अलग चिकित्सक नियुक्त होने की बात कर रहे हैं साथ ही सभी कर्मचारियों को मास्क वितरित करने की बात भी कर रहे हैं दवाओं की भी उपलब्धियां बता रहे हैं वहीँ कह रहे हैं कि वार्ड हमारे यहाँ जिले में तो कहीं व्यवस्था नहीं है लेकिन जिला अस्पताल में वार्ड बना है लेकिन अभी तक कोई मरीज नहीं आया है | वहीँ अगर देखा जाय तो कुछ कर्मचारी हि मास्क लगाये दिख रहे हैं बाक़ी सभी बिना मास्क के नजर आ रहे हैं |

अब ज़रा जिले के दूसरे छोर तरफ नजर डालें तो वहां की स्थिति भयावह नजर आ रही है, जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर मानपुर जनपद के ग्राम सुखदास में 4 साल से कोई ए एन एम या कोई स्वास्थ्य कार्यकर्ता गया ही नहीं कभी – कभार ए एन एम जाकर टीकाकरण कर देती है बाक़ी घर बैठ कर अपनी पेमेंट ले रही है कागजों में तो पदस्थापना है लेकिन जमीनी हकीकत अलग है, देखिये उपस्वास्थ्य केंद्र सुखदास के सारे रिकार्ड बाहर पड़े हैं मशीने जमीन में पडी हुई हैं, सब कुछ अस्त – व्यस्त पडा है जो अपनी कहानी खुद ही बयाँ कर रहा है, बुजुर्ग ग्रामीण हनुमान प्रसाद तिवारी बताते हैं कि 4 साल पहले कोई नामदेव थे जो वहां रहते थे लेकिन 4 साल से कोई नहीं है ईलाज के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है वहीँ गाँव के ही राम लखन जायसवाल बताते हैं कि यहाँ किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता है एम पी डब्ल्यू पद खाली है यहां से 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है नहीं तो किसी झोला छाप डाक्टरों से ईलाज करवाना पड़ता है |

इस मामले में सी एम एच ओ डाक्टर राजेश श्रीवास्तव से बात किया गया तो उनका कहना है कि हमने इंजीनियर को निदेश दे दिया है कि पूरे जिले में भ्रमण करके जहां के भवन जर्जर हैं या मरम्मत के लायक हैं उनकी रिपोर्टिंग तैयार करके हमको दें तो हम या तो जिला कलिक प्रतिष्ठान या भोपाल से फंड मांगेंगे, मशीने बाहर पड़ी हैं ये तो मुझे जानकारी नहीं है और ऐसी जानकारी मेरे पास नहीं आई है |

गौरतलब है कि जिले में पदस्थ सी एम एच ओ को अपने ही जिले का हाल मालूम नहीं है जिससे साफ़ लगता है कि फर्जी भ्रमण दिखा कर बजट डकारने में लगे हैं, इतना ही नहीं इनके द्वारा जिला सिंगरौली में किये गए घोटालों की जांच भी चल रही है लेकिन उसके बाद भी प्रदेश की सरकार ने इनकी पदस्थापना उमरिया जिले में कर दिया ताकि यहाँ भी करोड़ों का घोटाला कर सकें ऐसे में आवश्यकता है एक जांच दल बना कर इनकी जांच करवाने की ताकि आम जनता को लाभ मिल सके |

 

 

 

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