Home भ्रष्टाचार आपरेटर ने अपनी माँ के नाम से नियम विरुद्ध बेचा गेंहू

आपरेटर ने अपनी माँ के नाम से नियम विरुद्ध बेचा गेंहू

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उमरिया – जिले में इन दिनों उपार्जन के गेंहू की खरीदी सहकारी समितियों द्वारा की जा रही है, उन्ही केंद्रों में से एक खरीदी केंद्र सहकारी समिति मर्यादित कोटरी भी है। जहां के प्रबंधक रजनीश दत्त तिवारी और आपरेटर राम कुसल साहू हैं। इन दिनों सारी समितियां भंग होने के कारण प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। एक खरीदी केंद्र बरा भी है जो पूर्व में भरेवा सहकारी समिति में शामिल था लेकिन भरेवा के प्रबंधक द्वारा बरा में खरीदी करने में असमर्थता व्यक्त करने के कारण उसको कोटरी में शामिल कर दिया गया और कोटरी में जिले के कलेक्टर द्वारा सहकारिता निरीक्षक चन्द्रमणी द्विवेदी को गेंहू खरीदी के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया गया।

प्रशासक का नियुक्ति पत्र

जिला प्रशासन द्वारा सभी की जबाबदेही तय करने के बाद भी खरीदी केंद्र बरा में प्रशासक, प्रबंधक और आपरेटर की मिलीभगत से भारी भ्रष्टाचार किया गया।
कैसे हुआ भ्रष्टाचार
खरीदी केन्द्र कोटरी में नियुक्त आपरेटर रामकुसल साहू पुत्र भैया लाल साहू अपनी मां मांगी बाई साहू के नाम से फर्जी तरीके से गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया, जिसके पास पटवारी हल्का 00005 ग्राम नदावन आराजी खसरा नम्बर 185/1/1 रकवा 0.081 हेक्टेयर अर्थात 21 डिसमिल भूमि है। जो रजिस्ट्रेशन किया है उसमें 2.722 हेक्टेयर सिंचित भूमि और 0.202 हेक्टेयर असिंचित भूमि है कुल रकवा 2.924 हेक्टेयर भूमि का रजिस्ट्रेशन अपनी मां मांगी बाई साहू के नाम पर किया है।

राम कुसल साहू

राम कुसल साहू जो की स्वयं ऑपरेटर है और कृष्णा महिला स्व सहायता समूह अपनी पत्नी रीना साहू के नाम से चलाता है, इतना ही नही 2 बार उपार्जन के धान की भी खरीदी समूह के द्वारा कर चुका है।

रजिस्ट्रेशन की प्रति

सभी नियमों को जानने के बाद भी फर्जी तरीके से गेहूं का रजिस्ट्रेशन अपनी मां मांगी बाई साहू पति भैया लाल साहू के नाम से करके खरीदी केंद्र बरा में 67 क्विंटल गेहूं दिनांक 08/05/2023 को बेच दिया। फर्जी तरीके से अपनी मां मांगी बाई साहू के नाम से दिनांक 20/02/2023 को रजिस्ट्रेशन कर लिया है जिसका किसान कोड 226452100007 है।

जिन किसानों की भूमि का रजिस्ट्रेशन अपनी मां के नाम से किया सभी लोग साहू समाज के ही हैं और सभी की भूमियों का हिस्सा बांट हो चुका है। इतना ही नही किसी ने तहसीलदार से अनुमति नही लिया है और न ही किसी तरह का अनुबंध पत्र जमा किया गया है।
गौरतलब है कि राम कुसल साहू आपरेटर होते हुए इतना बड़ा घोटाला कर दिया और प्रबंधक एवं प्रशासक सारे खेल के मूकदर्शक बने रहे।
इस मामले में जब प्रबंधक रजनीश दत्त तिवारी से बात किया गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि नियम विरुद्ध कार्य किया गया है, गलती हो गई है, वहीं प्रशासक चंद्रमणि द्विवेदी से इस मामले पर कोई बात नही हो पाई है। हालांकि चंद्रमणि द्विवेदी के करोणों के घोटाले और भी हैं जो शीघ्र ही सामने आएंगे।
जिले के लोकप्रिय कलेक्टर महोदय से क्षेत्र की जनता अपील करती है कि इन तीनो के विरुद्ध जांच करवा कर एफआईआर करवाई जाए, यदि इसकी जांच जिला आपूर्ति अधिकारी को छोड़ अन्य किसी अधिकारी से बारीकी से करवाई जाए तो सारे साक्ष्य आन रिकॉर्ड मिल जाएंगे।

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