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रेंजर और डिप्टी रेंजर सस्पेंड

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उमरिया – जिले के  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र के छटवा बीट घौरीघाट के जंगल में बीते 8 माह पहले जंगली हाथी के शिकार के बाद साक्ष्य छिपाने जंगल में जलाने का मामला सामने आया था। जिसको लेकर लगातार विभाग के अधिकारी जांच में जुटे हुए थे। मामले में क्षेत्र के रेंजर सहित डिप्टी रेंजर की प्रथम दृष्ट्या लापरवाही और दोषी पाए जाने पर रेंजर पनपथा और डिप्टी रेंजर को सस्पेंड कर दिया गया है।


जानकारी के मुताबिक घटना माह नवम्बर 2022 के आसपास की बताई जा रही है। जहां बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र के घौरीघाट के जंगल मे एक जंगली हाथी का शिकार और फिर उसे जंगल मे ही जला देने का मामला सामने आया था। कुछ दिनों तक मामला शांत रहा और किसी को कोई जानकारी नही हो पाई। लगभग 3 महीने बाद जनवरी 2023 में जंगल मे पड़े हाथी के जले हुए अवशेष को लोंगो ने देखा तब जाकर हो हल्ला मचा था। कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद बांधवगढ़ प्रबंधन जागा और जांच कराने एसटीएफ और डब्ल्यू सी सी बी को सौंपा गया था।
मामले की जांच करने स्पेशल टास्क फोर्स और वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम 18 मई को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंची हुई थी। जांच उपरांत प्रथम दृष्ट्या पनपथा परिक्षेत्र के रेंजर शील सिंधु श्रीवास्तव और डिप्टी रेंजर के प्रभार में रहे कमला कोल की लापरवाही पाई गई। इन दोनों के द्वारा यह घटना विभाग से भी छिपाई गई थी और वन्य प्राणियों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का भी पालन नही किया गया। जिसके चलते बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक राजीव मिश्रा ने परिक्षेत्र अधिकारी पनपथा बफर शील सिंधू श्रीवास्तव और सहायक परिक्षेत्र अधिकारी कमला कोल को निलंबित कर दिया है।
घटना का विवरण


विश्वप्रसिद्ध बाँधवगढ टाइगर रिजर्व में एक जंगली हाथी के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया था, जिसमे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा रेंज में जंगली हाथी को जहर खिला कर शिकार करने का आरोप लगाया गया था, घटना बफर जोन के आर एफ 236 घौरीघाट, रेंज पनपथा, रोड से 20 से 30 मीटर से लगे हुए क्षेत्र में हाथी को मारकर जलाया गया था और उसके आसपास हाथी की चर्बी एवं उसकी हड्डियां पड़ी हुई थी और दुर्गंध भी वहां आती थी, इस मामले में आसपास की बसाहट के ग्रामीणों एवं पार्क के जमीनी अमले की मिलीभगत का आरोप है।

बाँधवगढ में वर्ष 2018 से जंगली हाथियों ने अपना रहवास बना लिया है, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते पहली बार मध्यप्रदेश में जंगली हाथियों ने बाँधवगढ में ही अपना रहवास बनाया है, बाँधवगढ में अभी तक बाघ, चीतल, सांभर, तेंदुआ, जंगली सुअर और पेंगोलिन का शिकार होता रहा है लेकिन पहली बार जंगली हाथी शिकरियों के निशाने पर आए, जिस इलाके में यह घटना हुई वह शहडोल की तरफ का एरिया आता है। जंगली हाथी के शिकार की घटना से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद पार्क के उच्चाधिकारी सक्रिय हो गए थे मौके पर अधिकारियों की टीम फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्कॉयड की टीम भेजकर जांच शुरू कर दी गई है, जंगली हाथी के शिकार का यह एमपी में भी पहला मामला था।
वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक राजीव मिश्रा ने बताया कि डब्ल्यू सी सी बी और एस टी एफ की जांच में रेंजर शील सिंधु श्रीवास्तव और प्रभारी डिप्टी रेंजर कमला कोल की लापरवाही और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर दोनो को निलंबित कर दिया गया और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

साभार – कौशल विश्वकर्मा

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