Home प्रदर्शन ए बी व्ही पी ने जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में लगाया ताला

ए बी व्ही पी ने जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में लगाया ताला

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उमरिया – आइए देखते हैं क्यों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर तालाबंदी किया।
सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है जो हर क्षेत्र में अपने बड़े बड़े कार्यों का बखान कर रही है और बड़े बड़े दावे कर रही है वहीं दूसरी तरफ उनके दावों की पोल उन्ही के पार्टी की प्राथमिक कड़ी जिसको अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नाम से जाना जाता है, खोल रही है। आधे से पौन घंटे तक कर्मचारी ताले के भीतर कैद रहे, बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन देकर ताला खुलवाया है।


एबीव्हीपी ने मांगों में मुख्य रूप से शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति, विद्यालयों में समय पर शिक्षक पहुंचे, नियमित कक्षायें संचालित हो, मिड डे मिल का क्यालिटी टेस्ट हो, होस्टल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो, छात्रावासों में फिल्टर और आरओ से समुचित पेय जल की उपलब्धता, अशासकीय विद्यालयों में अभिभावकों को पुस्तक सहित दूसरी शैक्षिक सामग्री निजी दुकानों से खरीदने का दबाव। सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। इस मौके पर एबीवीपी जिला संयोजक गोविंद द्विवेदी ने कहा कि मांगे पूरी नही हुई तो 15 दिवस के बाद तालाबंदी कर हजारों की तादात में संगठन वृहद उग्र प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर जिला संयोजक के अलावा जिला संगठन मंत्री कृष्णकांत मिश्र, पवन तिवारी, व्योम श्रीवास्तव, मोनिका राय, स्नेहा तिवारी, नंदनी द्विवेदी, निखिल सोनी, विकास यादव, ओम श्रीवास्तव, हिमांशु साहू सहित संगठन के क़ई पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिले के गठन वर्ष 1998 के बाद शायद पहली बार समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ है, इसके अलावा यह भी समझने की ज़रूरत है कि उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र इतनी तादात में विरोध प्रदर्शन करने कैसे पहुंचे, जबकि छात्रों की उपस्थिति के बाद उत्कृष्ट विद्यालय का गेट पूरी तरह से बंद हो जाता है।

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