Home क्राइम रेत माफियाओं का कहर – सुरेन्द्र त्रिपाठी

रेत माफियाओं का कहर – सुरेन्द्र त्रिपाठी

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रेत माफियाओं का कहर

उमरिया 12 फरवरी – जिले में हो रहा है भिंड मुरैना के तर्ज पर अवैध उत्खनन, रेत ठेकेदार के गुंडे ग्रामीणों पर चला रहे हैं गोलियां, पुलिस एवं जिले के अधिकारी दे रहे हैं ठेकेदार को संरक्षण, उसके रसूख के आगे जिला प्रशासन हुआ नतमस्तक, ग्रामीण दहशत में, गाँव का सरपंच भी बना रेत ठेकेदार के हाथ की कठपुतली अमरपुर पुलिस ने फरियादी की ही की पिटाई | जिले के पुलिस अधीक्षक कहे अभी जांच चल रही है |

उमरिया जिले में कुल 5 रेत खदान स्वीकृत हैं जिसमें एक खदान सुखदास भी है हालांकि सभी खदाने पंचायतों के नाम स्वीकृत की गईं हैं लेकिन सभी खदानों को रेत माफिया भंडारण की अनुमति लेकर हाई जैक कर रखे हैं, पंचायतों के सरपंच और सचिव की शह पर हो रहा है अवैध उत्खनन | ग्राम सुखदास निवासी भीम जैसवाल बताये कि 7 फरवरी को हमारे ड्राईवर चपटा कोल को मास्टर मार दिया रेत ठेकेदार उदित नारायण हैं उसका आदमी है जिसको मास्टर – मास्टर बोलते हैं जिसके विरोध में हम उससे पूंछने गए तो गाली – गलौज करने लगे, सब लोग दौड़े तो यो लोग फायरिंग करने लगे गोली चलाने लगे हमारे ऊपर भी गोली चलाने की कोशिश किये तो हम लोग बच कर भाग गए इसके बाद वो लोग पुलिस को बुलवाए आधे घंटे बाद पुलिस आई हम लोग को उठा कर ले गई, ले जाने के बाद हमें और हमारे बड़े भाई को मारा गया मारने वाले एक मलखान सिंह छावर और उदय प्रताप सिंह जिसमें एक आरक्षक है और एक  मुंशी है, हम एस पी साहब के यहाँ भी शिकायत किये हैं जब हम गए तो वहां ठेकेदार भी रहा, पुलिस जबरन बोल रही थी कि हम लूट लगा देंगे 50 हजार ले गए हो और चैन छीने हो उसके बाद न एम एल सी हुई न मेरी दवाई हुई गर्दन में मारा है सारे बाल पकड़ कर उखाड़ दिया था यहाँ भी मेरे दर्द है और पीठ में डंडे से मारे हाँ वो तो दिखा ही दिया हूँ  मैं पैर में भी मारे हैं कई जगह निशाँ है मैं सो नहीं पाटा हूँ मेरे को दर्द है मेरी दवाई तक नहीं करवाई गई |

वहीँ गाँव के ही किशन कुमार तिवारी बताये कि चपटा कोल संजय तिवारी की गाडी लेकर गया तो उसके साथ मास्टर उर्फ़ विश्वनाथ सिंह ने मार – पीट कर दिया तब मैंने विश्वनाथ सिंह मास्टर से पूंछा कि आपने क्यों मारा है तो वो बोले कि मेरा ठेका चलता है हम लोगों ने पैसे देकर ठेका लिया है पंचायत को खरीदा हुआ है इतनी बात करने पर उसके जो गनमैन थे मास्टर ने आदेश दे दिया शैलू और चिंटू को आदेश दे दिया तो वो फायरिंग कर दिए पण्डे जी के सीने पर ठेकेदार के गुंडे बन्दूक अड़ाये यो पाण्डेय जी  ने नाल ऊपर कर दिया तो गोली हवा में चल कर रह गई जिसके बाद सभी ग्रामीण अपनी जान बचा कर भाग गए | इस घटना के बाद ठेकेदार पुलिस को बुला लिया जिसमें अमरपुर और इन्दवार का स्टाफ आया वो लोग हमें उठा कर ले गए बोले आप लोग चैन चुराए हो तो बताओ तब हम बोले कि सर हम चोरी करने वाले तो नहीं दिखाई दे रहे हैं यदि ऐसा लगता है तो जो कार्यवाई चाहें करें, यहाँ चारो तरफ से सरपंच के तरफ से अवैध उत्खनन करवाया जा रहा है, किसी भी अधिकारी को हम फोन लगते हैं तो हमें कोई भी मदद नहीं मिलती है यदि ठेकेदार फोन लगता है तो उन्हें भरपूर मदद मिलती है वन भूमि से भी लगभग 2 से 3 किलोमीटर का एरिया खाली हो गया है और वन विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाई नहीं किया गया हमने खुद ज्ञापन दिया है जिसकी शिकायत भी हम लोग शुक्ला जी डी ऍफ़ ओ साहब पार्क वाले को दिया है आज तक कोई कार्यवाई नहीं हुई उलटे हम लोगों को दबाब दिया जाता है कि तुम लोग किछ करोगे तो य्म्हारे ट्रेक्टर खड़े करवा देंगे, तुम लोगों को झूठे मुकदमे न में फंसा देंगे, और उदित नारायण के जो सम्मिलित ठेकेदार हैं इसमें 7 – 8  लोग शामिल हैं, वो लोग इतनी धमकियां देते हैं कि गाँव वालों का जीना दुश्वार है आज की स्थिति यह है कि गाँव में इतने बड़े – बड़े गड्ढे हो गए हैं कि मवेशियों को ले जाने का रास्ता नहीं है, और ग्रामीणों को भी निकलने में तकलीफ होती है |

इस मामले में जब जिले के कलेक्टर अमर पाल सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो वो मिले ही नहीं | वहीँ जब जिला खनिज अधिकारी राम सिंह उइके से बात किया गया तो उनका कहना है कि मामला संज्ञान में आया है और सी एम् हेल्प लाईन से भी दो शिकायते प्राप्त हुई हैं आज दो लोग आये भी थे, वन, राजस्व और पुलिस के साथ लगातार कार्यवाई की जा रही है हम टीम बना कर नियमानुसार कार्यवाई करेंगे |

इस मामले में जब जिले के पुलिस अधीक्षक डाक्टर असित यादव से बात किया गया कि रेत ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति के गनमैन रखे गए हैं और गाँव में दहशत फैलाई जा रही है साथ ही अमरपुर चौकी में पदस्थ मलखान सिंह एवं एक आरक्षक उदय प्रताप सिंह  द्वारा ग्रामीण की पिटाई की गई है, तो उनने गाँव के ही दो पक्षों का विवाद होना बताया और कहा कि रेत में मिट्टी मिली हुई थी जिससे डंप वाले नहीं लिए और दोनों पक्षों के आवेदन आये हैं जांच चल रही है |

गौरतलब है कि एक तरफ प्रदेश के मुख्य मंत्री और खनिज मंत्री अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्यवाई करने के साथ सुशासन की बड़ी – बड़ी बातें करते हैं, लोगों को न्याय देने का दावा करते हैं  वहीँ दूसरी तरफ उमरिया जिले में उनकी बातों और निर्देशों को दरकिनार कर जिले के अधिकारी रेत माफियाओं को खुला संरक्षण देने में मशगुल हैं जिसके चलते ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है यदि क़ानून और व्यवस्था की यही स्थिति राही तो लोक सभा चुनाव में भी वही परिणाम उमरिया जिले से आयेंगे जो विधान सभा में आये हैं |

 

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