Home वाइल्डलाइफ बाघ के हमले से किसने बचाई चरवाहे की जान

बाघ के हमले से किसने बचाई चरवाहे की जान

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उमरिया – जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली रेंज के कोर जोन अंतर्गत डोभा बीट के कक्ष क्रमांक आर एफ 381 में ग्राम रंछा निवासी भगवानदीन अगरिया पिता बिशम्भर अगरिया उम्र 40 वर्ष भैस चराने गया था और वहीं पर महुआ की गोही भी बीन रहा था तभी लगभग 12 बजे दिन अचानक बाघ ने हमला कर दिया जिससे भगवानदीन के दाहिने कंधे में एवं हाथ मे बाघ के नाखून गड़ गए।
घायल भगवान दीन अगरिया ने बताया कि बाघ के हमला करते ही हमने अपनी भैंसों को आवाज दिया जिस पर वहीं चर रही भैंस दौड़ कर बाघ पर टूट पड़ी और बाघ भाग गया तब तक हमारी आवाज सुन कर पास में और लोग जो मवेशी चरा रहे थे, वो भी दौड़ कर आ गए और हमारी मदद किये फिर हमारे भतीजे विकास को फोन किये तब वो घर से भागता आया और सभी लोग मिल कर हमको घर लाये और वन विभाग को सूचना दिए, हमारे भतीजे की सूचना पर मानपुर रेंजर और खितौली रेंजर अपने कर्मचारियों के साथ आये और अपनी गाड़ी से उमरिया जिला अस्पताल लेकर आए।


खितौली रेंजर स्वस्ति श्री जैन ने बताया कि हमको जैसे ही सूचना मिली हम तुरन्त अपने स्टाफ के साथ घायल को जिला अस्पताल लेकर आये और अभी तात्कालिक सहायता राशि 1 हजार रुपया दे दिए हैं आगे जो भी जरूरत पड़ेगी नियमानुसार उसकी सहायता की जाएगी।
गौरतलब है कि आये दिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मानव और जानवरों के बीच द्वंद बढ़ता ही जा रहा है, जब मौका मिलता है जानवर मानव पर हमला कर घायल कर देते हैं या मौत के घाट उतार देते हैं वहीं जब मानव को मौका मिलता है तो जानवरों को मार देते हैं लेकिन वन विभाग ऐसा कोई रास्ता निकालने का प्रयास नही कर रहा है दोनो के बीच का द्वंद कम हो सके या समाप्त हो सके।
सुरेन्द्र त्रिपाठी
उमरिया

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