Home राजनीति ऐसा क्या हुआ जिसके चलते जिले को नही मिला मंत्री पद

ऐसा क्या हुआ जिसके चलते जिले को नही मिला मंत्री पद

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जानिए कौन कहाँ से चुनाव जीतने के बाद मंत्रिमंडल में जगह पाए और ऐसे क्या कारण रहे कि उमरिया जिले से मंत्री पद छिन गया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव – 217 उज्जैन दक्षिण से विधायक है तो उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल – 74 रीवा से और दूसरे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा – 225 मल्हारगढ़ से विधायक है वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर – 7 दिमनी से विधायक हैं।
कैबिनेट मंत्री –
प्रदुम्न सिंह तोमर – 15 ग्वालियर से, तुलसी सिलावट – 211 सांवेर से, एदल सिंह कसाना – 5 सुमावली से, नारायण सिंह कुशवाहा – 17 ग्वालियर दक्षिण से, विजय शाह – 176 हरसूद से, राकेश सिंह – 100 जबलपुर पश्चिम से, प्रह्लाद पटेल – 119 नरसिंहपुर से, कैलाश विजयवर्गीय – 204 इंदौर – 1 से, करण सिंह वर्मा – 158 इच्छावर से, संपतिया उईके – 107 मण्डला से, उदय प्रताप सिंह – 121 गाडरवारा से, निर्मला भूरिया – 195 पेटलावद से, विश्वास सारंग – 151 नरेला से, गोविंद सिंह राजपूत – 37 सुरखी से, इंदर सिंह परमार – 168 शुजालपुर से, नागर सिंह चौहान – 191 अलीराजपुर से, चैतन्य कश्यप – 220 रतलाम शहर से, राकेश शुक्ला – 12 मेहगांव से कैबिनेट मंत्री बनाये गए तो वहीं
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )
कृष्णा गौर – 154 गोविंदपुरा से, धर्मेंद्र लोधी – 56 जबेरा से, दिलीप जायसवाल – 86 कोतमा से, गौतम टेटवाल – 164 सारंगपुर से,
लेखन पटेल – 54 पथरिया से, नारायण पवार – 161 व्यावरा से मंत्री बनाये गए साथ ही
राज्यमंत्री –
राधा सिंह – 79 चितरंगी से, प्रतिमा बागरी – 62 रैगांव से, दिलीप अहिरवार – 49 चाँदला से और नरेन्द्र शिवाजी पटेल – 140 उदयपुरा से मंत्री बनाये गए।

यह तो रहा मध्यप्रदेश का मंत्रिमंडल अब जानते हैं मानपुर विधानसभा 90 से प्रदेश सरकार में 2 बार मंत्री रहने वाली विधायक मीना सिंह को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाने का मुख्य कारण जो जनचर्चा में सामने आ रहा है।
सबसे बड़ा कारण तो रहा जो बस्ती विकास योजना मद से बाह्य विद्युतीकरण योजना में 100 करोड़ के घोटाले का आरोप गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी ने लगाया और उसके जांच की मांग किया जिसके चलते 26 सितम्बर को गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी रानी दुर्गावती चौराहे में सभा कर जिला प्रशासन से जानना चाहती थी कि हमारे आवेदन पर क्या कार्रवाई हुई और उसी दौरान पुलिस और गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, इतना ही नही अपने अहम के चलते संगठन को दरकिनार करना, दूसरे प्रदेश से आये पर्यवेक्षकों के साथ ठीक व्यवहार न करना, इसके अलावा पार्टी की तरफ से गोपनीय रिपोर्ट सही न जाना एवं और भी घोटाले जो ऊपर बैठे लोगों के नजर में आये और उन्ही के विभाग में बाबू बिजेन्द्र सिंह एवं सहायक आयुक्त द्वारा मिल कर करोड़ों का घोटाला करना और उन घोटालेबाजों को खुला संरक्षण देकर उसी पद पर पुनः स्थापित करना जैसे बहुत से मामले रहे जो उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र से मंत्री पद छीने जाने का कारण बने।

अब बांधवगढ़ 89 विधानसभा क्षेत्र से विधायक शिव नारायण सिंह लल्लू भइया की तरफ देखें तो वो भी तीसरी बार के विधायक है और यदि मंत्रिमंडल में लिया जाता तो एक आदिवासी चेहरा शहडोल सम्भाग से कहलाता और उमरिया जिले के लिए बड़ी बात होती, ऐसा नही है कि इनके नाम की चर्चा नही हुई है। सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने आई है उसके आधार पर इनके नाम पर भी मन्थन हुआ है लेकिन इनके मंत्री न बनने का मुख्य कारण जनचर्चा में जो सामने आया उसके आधार पर इनका अहित करने वाले इनके नजदीकी 4 – 5 सिपहसालार रहे जो इनको राहु – केतु की तरह ग्रसे हुए हैं और ये भी उन पर पूर्ण रूप से आश्रित हो चुके, यदि अभी भी ये मन्थन नही करते हैं तो आने वाले समय में इनको काफी मुसीबतें का सामना करना पड़ सकता है।

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