Home लाइफस्टाइल फिर एक बाघ शावक की मौत प्रबंधन ने बताया आपसी लड़ाई

फिर एक बाघ शावक की मौत प्रबंधन ने बताया आपसी लड़ाई

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उमरिया – जिले का बांधवगढ टाइगर रिज़र्व इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कहीं बाघों की आपसी लड़ाई में मौत तो कहीं बाघ के हमले से मनुष्य घायल या मौत। नही थम रहा यह सिलसिला, आने वाले दिनों में भी थमता महसूस नही हो रहा है। कारण है बाघों की संख्या में बेतहासा वृद्धि, जिसके चलते अब बाघों के रहवास के लिए जगह की लगातार हो रही कमी एक बड़ी समस्या है। कल फिर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत धमोखर परिक्षेत्र के ग्राम बरबसपुर से करींब एक किमी दूर एक नर बाघ शावक का शव मिला है। जिसकी उम्र लगभग 12 से 15 माह होने का अनुमान लगाया गया है।
धमोखर रेंजर विजय शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि गश्ती दल को धमोखर रेंज के बरबसपुर बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक पीएफ 125 में मृत नर बाघ शावक का शव दिखा जिसकी सूचना मेरे को दिए और मेरे द्वारा उच्च अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई और मौके का मुआयना करने पर दूसरे बाघ के पग मार्क मिले और मृत बाघ शावक को घसीटे जाने के निशान मिले जिससे पता चलता है कि दोनो की आपसी लड़ाई में शावक की मौत हुई है।

अधिकारियों की मौजूदगी में एनटीसीए के प्रतिनिधि के सामने शव का पोस्टमार्टम करवाया गया जिसमें सारे अवयव मौजूद पाए गये। वहीं इसकी मौत करीब 36 घण्टे के अधिक का होना पाई गई है। साथ ही रेंजर ने बताया कि मृत नर बाघ शावक के गले की हड्डी टूटी हुई थी, एवं गले के करींब दांत के गहरे निशान थे, जिससे साफ है कि नर बाघ शावक की मौत आपसी द्वंद की वजह रही होगी।
टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, चिकित्सक दल के समक्ष बिसरा वगैरह प्रिजर्व कर अंतिम संस्कार किया गया है।

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