Home भ्रष्टाचार फिर सामने आया सीईओ का नया कारनामा

फिर सामने आया सीईओ का नया कारनामा

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जनपद पंचायत करकेली के सीईओ डी. एन. पटेल द्वारा मनरेग योजना में 10 प्रतिशत कमीशन लेने का मामला आया सामने

उमरिया – जिले को यदि भ्रष्टाचार का गढ़ कहा तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। पूरे प्रदेश में यदि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है तो मात्र उमरिया जिले में, वैसे तो पूरा प्रदेश ही भ्रष्टाचार युक्त है लेकिन टॉप पर उमरिया जिला है। यहां जिस विभाग की तरफ नजर दौड़ाएंगे उसी तरफ भ्रष्टाचार नजर आएगा। वैसे तो प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे लेकिन जब उमरिया जिले की बारी आती है तो उनकी नजर दूसरी तरफ घूम जाती है वो इस जिले की कोई भी बात सुनना ही नही चाहते हैं। आपको शिकायत करना है तो करते रहिए बहुत होगा तो जिसकी शिकायत करेंगे जांच भी उसी को मिल जाएगी। यदि आप सीएम हेल्पलाइन में करेंगे तो बिना जांच किये ही आपको जबाब मिल जाएगा कि आपकी शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर दिया गया है और आपकी शिकायत बन्द की जा रही है, हां आपको यदि कुछ करना है तो उच्च न्यायालय की शरण मे जाइये तभी कुछ हो सकता है।

ऐसा ही मामला फिर से जनपद पंचायत करकेली से सामने आया है। पिछले किश्त में आपको वहां पदस्थ सीईओ डी.एन. पटेल के कारनामों की एक झलक दिखाई गई थी। अब उसके बाद दूसरी झलक देखिए, अभी मनरेगा योजना के राशि की रकम पंचायतों के खाते में भेजी गई है, और सीईओ साहब उसमें भी 10% कमीशन की मांग और अपने कुछ खास सचिवों के माध्यम से वसूली करवाने लगे। यह हम नही कहते हैं, यह तो जनपद पंचायत करकेली के चुने हुए सदस्य कह रहे हैं, इसमें पक्ष – विपक्ष सभी शामिल हैं।

सभी जनपद सदस्यों ने सीईओ जिला पंचायत और जिले के कलेक्टर को लिखित में अपने हस्ताक्षर युक्त शिकायत पत्र देकर कहा है। इतना ही एक और गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों से अभद्र रूप से बात करना व निर्वाचित जनपद सदस्यों को गाली गलौज करना व बिना कमीशन के कोई भी कार्य स्वीकृति न करना इनकी आदत में शुमार हैं।

जनप्रतिनिधियों की तौहीन तो करते ही हैं साथ मे जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं समस्त जनपद सदस्यों के साथ अभद्र भाषा मे बात भी करते हैं।

जनपद सदस्यों ने आपने शिकायती पत्र में यह भी बताया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करकेली डी.एन. पटेल पूर्व में जहां-जहां पदस्थ थे इनकी काली करतूतो व भ्रष्टाचार के आरोप इन पर लगते ही रहे हैं।

इस मामले में सीईओ जिला पंचायत ईला तिवारी बताईं कि हमारे एवं कलेक्टर साहब के पास जनपद पंचायत करकेली के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने लिखित शिकायत दिया है, हमने कलेक्टर साहब से इस मामले पर चर्चा किया है और कलेक्टर साहब ने राजस्व अधिकारियों का एक दल गठित कर दिया है जो सारे मामलों की जांच कर रिपोर्ट देगा, वह दल जैसी जांच रिपोर्ट देगा वैसी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह कोई करकेली जनपद पंचायत का भर मामला नही है, मानपुर जनपद इससे एक कदम आगे है, बस फर्क इतना है कि वहां के जनपद सदस्यों और अध्यक्ष को सीईओ द्वारा खुश रखा जाता है लेकिन भ्रष्टाचार वहां भी चरम पर है और जिला प्रशासन भी दबाब में काम कर रहा है। किसी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नही हो रही है।
अब तो जनता भी विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रही है कब मतदान हो और जम इस भ्रष्टाचारी सरकार से छुटकारा पाएं।

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