Home क्राइम Pangolin और कछुये के तस्कर माल सहित Arrested जानिए पीछे की वजह

Pangolin और कछुये के तस्कर माल सहित Arrested जानिए पीछे की वजह

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Wildlife Crime Control Bureau जबलपुर की गुप्त सूचना पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं उमरिया वन मंडल की संयुक्त कार्रवाई में वन्य प्राणी तस्कर पकड़े गए हैं।

Umaria – वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की गुप्त सूचना पर पिछले चार दिनों से चल रही कार्रवाई में 8 Wildlife Smuggler पकड़े गए हैं। उप स़चालक बा़धवगढ पी के वर्मा और D F O उमरिया मोहित सूद के मार्गदर्शन मे़ पहले दिन की कार्रवाई में टीम के सदस्यों ने तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए चार नग Indian Softshell Turtle (कछुआ) पकड़ा है।

Pangolin और कछुये के तस्कर माल सहित Arrested जानिए पीछे की वजह

जिसको समरजीत सिह पिता रामदयाल सिंह उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम अगनहुडी महरोई, रामप्रसाद पिता मिठ्ठू रौतेल उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम अमरहा पोस्ट रहठा, राजेश कोरी पिता मंगल कोरी उम्र 46 वर्ष निवासी ग्राम पिपरिया से Seized किये।

Pangolin और कछुये के तस्कर माल सहित Arrested जानिए पीछे की वजह

अपराध में प्रयुक्त – 2 नग Android मोबाइल फोन, 2 नग वाहन, एक T V S ज्यूपिटर, एक नग Passion Plus मोटर सायकल भी जप्त की गयी है।

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राजेश कोरी की निशान देही पर अगले दिन तीन व्यक्ति Pangolin की स्केल और दो नग Indian Softshell Turtle (कछुआ) के साथ ढीमरखेड़ा के नजदीक ग्राम बिजौरी से पकड़े गए। जिनके नाम – सुरेन्द सिह पिता रामेश्वर सिंह निवासी ग्राम बिजौरी थाना ढीमरखेड़ा जिला कटनी, माखन सिह पिता जयसिह निवासी ग्राम बिजौरी थाना ढीमरखेड़ा जिला कटनी, संजय सिंह पिता राममिलन सिंह मार्को उम्र 20 वर्ष है।

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दो अन्य व्यक्ति जो सूचना दिये थे तथा अपराध मे शामिल थे का नाम – हेमराज पिता शिवकरण प्रसाद धुलिया उम्र 49 वर्ष निवासी ग्राम बेलसरा थाना नौरोजाबाद, सुरेन्द सिह पिता धीसल सिह उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम छीरपानी, थाना बिलासपुर, जिला उमरिया है।
टीम को वन्यजीवो की तस्करी की बहुत दिनो से खबर लग रही थी जिस पर लगातार कार्रवाई की जा रही थी।

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मामले की जांच उमरिया D F O मोहित सूद और बांधवगढ़ D F O प्रकाश कुमार वर्मा के निर्देशन में उमरिया वनमंडल के S D O कुलदीप त्रिपाठी और उमरिया रेंजर सिद्धार्थ सिंह द्वारा की जा रही है।

कार्रवाई दल में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से अर्पित मैराल परिक्षेत्र अधिकारी पतौर, नारेन्द सिह वैश धमोखर, भागवत, कमलेश, कैलाश, राजेश, विक्रम सिंह तथा उमरिया वनमंडल से अभिषेक, दीपक, अजय, अरविंद, गौतम, सरोज शामिल थे।

Wildlife Protection Act की धाराओ़ के तहत कार्यवाही कर न्यायालय उमरिया मे पेश किया गया है जहां से अभियुक्तो को जेल भेज दिया गया है।

क्यों होती है इन वन्य जीवों की तस्करी

आइये आपको बताते हैं Pangolin की तस्करी का मुख्य कारण।

इसकी तस्करी के पीछे का मुख्य कारण है – रुपया, International market में इसकी कीमत 1 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक कीमत है। China इसका बहुत बड़ा बाजार है, इसका उपयोग दवाइयां बनाने में किया जाता है। इसके skull की कीमत 1 लाख रुपए किलो है। इसका मांस 27 हजार रुपये किलो के रेट से बिकता है।

आइये अब आपको बताते हैं Indian Softshell Turtle (कछुआ) के बारे में

इसकी तस्करी का मुख्य कारण है मंहगे दाम पर बिकना। इसकी कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक है, इतना ही नहीं इसकी मांग नेपाल और चीन में अत्यधिक है। वहां इसका उपयोग तंत्र – मंत्र और दवाइयों के लिए किया जाता है, उन देशों में इसकी कीमत 1 लाख रुपये तक है।

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