Home भ्रष्टाचार देखिये सहकारिता विभाग में किस तरह से भ्रष्टाचार किया जाता है

देखिये सहकारिता विभाग में किस तरह से भ्रष्टाचार किया जाता है

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बहुत दिन हो गये हमारे सम्माननीय पाठकों को जिले में चल रहे भ्रष्टाचार की झलक दिखाये, तो इसको अवश्य पढ़ें। सहकारिता विभाग के 3 दिग्गजों की कारस्तानी…..

उमरिया – जिला तो वैसे ही प्रदेश में भारी भ्रष्टाचार के लिए बदनाम है। वह भी आज से नही जब से जिला बना था तब से इसी हालत में है, इतना जरूर हुआ कि कभी कोई अच्छे अधिकारी आये तो इस बदनामी का दाग धोने का प्रयास किये लेकिन सफल नही हो पाए। चाहे एक ग्राम एक सरोवर योजना रही हो या फूड फार वर्क योजना रही हो या खाद्यान्न घोटाला रहा हो या संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट का कोयला घोटाला हो या फिर पंचायतों का घोटाला हो या बस्ती विकास मद का घोटाला हो। वैसे इस समय जिले में 3 विभाग घोटालों के सरताज है, उसमें खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जन जातीय कार्य विभाग आते हैं। इसके बाद जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग आते हैं, हां एक विभाग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क तो छूटा ही जा रहा है।
आज आपको सहकारिता विभाग के तीन दिग्गजों के कारनामे बता रहे हैं, इसमें सर्वश्री अभय सिंह जी हैं जो प्रभारी एआरसीएस के पद पर विराजमान हैं, दूसरे महान व्यक्ति हैं चन्द्र मणि द्विवेदी जी और तीसरे हैं संजय सराफ जी ये दोनों सहकारिता निरीक्षक के पद पर शोभायमान हैं।

आपको पूर्व में गेंहू खरीदी केंद्र कोटरी के अंतर्गत खरीदी केंद्र बरा की कहानी तो बता ही चुके हैं, जहां के प्रबंधक रजनीश दत्त तिवारी हैं और उनका आपरेटर राम कुशल साहू एवं प्रशासक चन्द्र मणि द्विवेदी मिल कर फर्जी रजिस्ट्रेशन कर आपरेटर अपनी मां के नाम पर गेंहू बेच लिया। इसकी शिकायत तत्कालीन कलेक्टर डॉक्टर के डी त्रिपाठी से की गई उन्होंने जांच के लिए खाद्य विभाग को दे दिया, खाद्य विभाग ने अपनी बला सहकारिता पर टाल दिया, जो खुद घोटाले में शामिल है। कई माह के बाद जांच संजय सराफ को मिली तो भला एक भाई दूसरे भाई की क्या जांच करेगा। उस आन रिकार्ड और आन लाइन घोटाले संजय सराफ ने क्लीन चिट देकर,

चन्द्र मणि द्विवेदी, रजनीश दत्त तिवारी और राम कुशल साहू को ईमानदार साबित कर दिया। यह तो रही पूर्व की बात अब जरा वर्तमान की तरफ देखें तो सबसे पहले आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित भरौला का मामला देखें जहां के प्रशासक संजय सराफ हैं। यहां प्रशासक संजय सराफ और प्रभारी एआरसीएस अभय सिंह मिल कर प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी मीनाक्षी इंगले और जिले के कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य को बिना बताए मनमानी तरीके से भ्रष्ट विक्रेता भूपेन्द्र सिंह बघेल को दिनांक 12/12/2023 को आदिम जाति सेवा समिति मर्यादित भरौला को प्रबंधक पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिए।


जबकि भूपेन्द्र सिंह द्वारा विक्रेता पद पर रहते हुए मूंग वितरण में कालाबाजारी की गई, गेंहू वितरण में कालाबाजारी की गई। जिसकी जांच खाद्य विभाग द्वारा की गई और दोष सिद्ध पाया गया एवं विक्रेता पद से पृथक कर दिया गया। इतना ही नही 3 लाख 44 हजार 16 रुपये की रिकवरी भी निकाली गई जो आज दिनांक तक वसूली नही हुई और ऐसे भ्रष्ट विक्रेता को प्रशासक संजय सराफ और प्रभारी एआरसीएस अभय सिंह मिल कर प्रबंधक के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिए।

इस आदेश को देख कर तो साफ जाहिर होता है कि ये लोग जिले के प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी और जिले के कलेक्टर को भी अपने सामने कुछ नही मानते हैं और सब कुछ ले देकर मनमाफिक आदेश करते हैं। जिले की जनता कलेक्टर महोदय से उम्मीद लगाए बैठी है कि इन भ्रष्टाचारियों की निष्पक्ष जांच करवा कर सख्त कार्रवाई करें।

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