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राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

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अपनी नाकामी छिपाने एस आई कर रहा फरियादी को प्रताड़ित राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था ने दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की किया मांग

उमरिया – जिले के मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बलहौण्ड निवासी अमरेंद्र नाथ चतुर्वेदी पिता राजेन्द्र प्रसाद चतुर्वेदी ने जुलाई 2022 में इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप खोलने के लिए इंडियन ऑयल के वेबसाइट पर समस्त दस्तावेज के साथ आन लाइन आवेदन किया था। आवेदन के 3 दिन बाद 8697790057 से किसी मनीष अग्रवाल नाम के व्यक्ति का फोन आया और बताया गया कि आपका नाम डीलरशिप के लिए चयनित हो गया है, और कहा गया कि आप इस व्हाट्सएप नम्बर पर सभी दस्तावेज भेज दीजिये और 10500/- बतौर आवेदन शुल्क भेज दीजिये, जिस पर 8 अगस्त 2022 को उसी नम्बर पर फोन पे के माध्यम से पैसा भेज दिया गया। उसके बाद उनके द्वारा कन्फर्मेशन लेटर भेजा गया जो मेरे द्वारा भर कर भेज दिया गया। उसके बाद वहां से 10 वर्ष की डीलरशिप के लिए कनफर्मेशन लेटर भेजा गया। उसके बाद 1 लाख 81 हजार रुपये की मांग की गई जो आरटीजीएस के माध्यम से एचडीएफसी बैंक के आईएफएससी कोड सी000086 खाता नम्बर 50100590881658 एवं उसी बैंक के दूसरे खाते 50100493810619 उसके बाद तीसरा खाता नम्बर जो पंजाब नेशनल बैंक के आईएफएससी कोड क्रमांक पीयूएनबी0436400 और खाता क्रमांक 1544100100003506 और चौथा खाता केनरा बैंक का जिसका आईएफएससी कोड सीएनारबी0002840 खाता क्रमांक 110072935116 इन सभी खातों में 14 लाख 53 हजार 188 रुपये मंगवाए गए।

15 से 20 दिन बाद एक फर्जी लायसेंस मनीष अग्रवाल द्वारा भेजा गया, तब हमको शंका हुई तो हमने उससे पैसा रिफंड मांगा लेकिन वो हमसे 1 लाख 23 हजार रुपयों की मांग करने लगा तब हमारे समझ मे आया कि हमारे साथ बड़ी ठगी हो गई है। तब मेरे द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय को 17 मार्च 2023 को लिखित आवेदन दिया गया।

वहीं पीड़ित अमरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा मेरे आवेदन को मार्क कर मेरे को थाना मानपुर भेजा गया, जहां आवेदन रख कर मेरे को घर जाने को कह दिया गया। लगभग 15 दिन बाद मेरे को थाने में बुला कर मेरे बयान दर्ज किए गए और कह दिया गया कि हम सायबर सेल की मदद से पता करते हैं, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं कि गई मेरे द्वारा बार बार पूंछने पर एस आई सूरज अतुलकर द्वारा कहा जाता रहा कि कार्रवाई चल रही है, जुलाई 2023 में मेरे से कहा गया कि उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई है तुमको मेरे साथ चलना होगा। तब मेरे को अपने साथ लेकर पटना (बिहार) गए और न तो वहां की पुलिस से सम्पर्क किये और न ही किसी की तलाश किये बल्कि मेरे से वहां होटल का चार्ज 2 हजार रुपए दिलवाए और जब हम कहे तो हमको धमकी देते हुए कहे कि जो हम कर रहे हैं देखते रहो।
सबसे बड़ी बात यह है कि आज तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नही की गई है जिसके चलते पुलिस की इस कार्रवाई से व्यथित होकर मेरे द्वारा 27 जुलाई 2023 को सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज करवाई गई।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद एस आई सूरज अतुलकर अपनी टीम के साथ 4 अगस्त को मेरे घर आकर गालीगलौज किये और मेरे को जबरन घसीट कर थाने ले जाने का प्रयास किये और बोले कि तुम हमारी शिकायत करते हो, चलो मेरे साथ तुम्हारा क्या हाल करता हूँ, किसी तरह हमारे परिवार के द्वारा आरजू मिन्नत करने पर हमको छोड़े हैं।
इतना ही नही अब फोन कर सूरज अतुलकर द्वारा थाना बुलाया जा रहा है कि आ जाओ तो हम एफआईआर दर्ज कर दें, मेरे को भय है कि कहीं एफआईआर दर्ज करने के बहाने मेरे साथ मारपीट कर किसी भी फर्जी धाराओं में गिरफ्तार कर सकते हैं।

इस बात को मेरे द्वारा ब्राह्मण महा सभा के समक्ष रखा गया तब ब्राह्मण महासभा द्वारा जिले के एस पी को ज्ञापन देकर मांग किया गया कि यदि पीड़ित या पीड़ित के परिवार को पुलिस द्वारा परेशान किया गया और दोषी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई नही की गई तो ब्राह्मण समाज उग्र आंदोलन करने पर विवश हो जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जबाबदारी प्रशासन की होगी।
गौरतलब है कि दूसरे जिलों में आये दिन पुलिस की बर्बरता के किस्से सुनने को मिलते हैं, लेकिन उमरिया जिले में भी ऐसे पुलिस के अधिकारी हैं जिनके द्वारा अपनी नाकामी छिपाने के लिए फरियादी के साथ ही दुर्व्यवहार किया जा कर पुलिस विभाग को कलंकित किया जा रहा है।


इस मामले में एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया ने बताया कि ब्राह्मण समाज द्वारा ज्ञापन प्राप्त हुआ है, हम इसकी जांच करवा रहे हैं जो भी तथ्य सामने आएंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
यहां पर तो वही कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है, “जब बागड़ ही खेत खाये तो रखवाली कौन करेगा”

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