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पटवारियों की हड़ताल किसान परेशान

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उमरिया – जिले भर नही प्रदेश भर के पटवारी अपनी 5 सूत्रीय मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं, कभी भजन गाते हैं तो कभी कुछ करते हैं आज तिरंगा यात्रा निकाल कर भगवान से प्रार्थना किये हैं की भगवान प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि दे कि हमारी मागों को मान लें।

उधर दूसरी तरफ किसानों के सारे राजस्व से संबंधित कार्य रुके हुए हैं। प्रदेश सरकार ने धान के फसल की गिरदावरी भरने की अंतिम तिथि 10 सितम्बर निर्धारित किया है। यदि 10 सितम्बर तक राजस्व रिकार्ड में किसानों के द्वारा बोयी गई फसल की गिरदावरी नही दर्ज की गई तो पीएसएस अर्थात प्राइस सपोर्ट सिस्टम मतलब मूल्य समर्थन योजना के तहत किसान का पंजीयन नही हो पायेगा और किसान अपनी धान नही बेच पायेगा। एक तरफ सूखे की स्थिति दूसरी तरफ शासन की नीतियों के विरोध में पटवारियों की अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल।
पटवारियों की मुख्य मांग इस प्रकार है।

(1) वेतनमान 25 वर्षों में नही बढ़ाया गया 1998 में जो वेतन था वहीं आज भी है जबकि सीमांकन जैसा कार्य भी पटवारियों से करवाया जाता है। जबकि पटवारियों से पूरे सेवाकाल में कार्य लेने वाले राजस्व विभाग एवं उसकी पद स्थापना वाले भू अभिलेख विभाग के सभी पदोन्नत पदों (राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू अभिलेख, तहसीलदार, अधीक्षक भू अभिलेख) के वेतनमान से कई बार वृष्टि की गई। पटवारी वेतनमान पे ग्रेड 2800 हेतु भी आपके द्वारा वर्ष 2007 पटवारी महा अधिवेशन सनावद में घोषणा की गई थी, माननीय राजस्व मंत्री महोदय द्वारा प्रांताध्यक्ष मप्र पटवारी संघ भोपाल को 2800 पे ग्रेड किये जाने का लिखित आश्वासन भवदीय के निर्देशानुासर दिया गया था, जिसके क्रियान्वयन का प्रदेश के पटवारी को इन्तजार है माननीय महोदय द्वारा कानून में संशोधन कर मध्यप्रदेश के पटवारियों को एक उच्च पद का अतिरिक्त कार्य सीमांकन तो दिया गया परंतु समान कार्य समान वेतन के आधार पर राजस्व निरीक्षक का वेतनमान नहीं दिया गया। अस्तु समान कार्य समान वेतन को लागू करते हुए पटवारी को राजस्व निरीक्षक के समान पे ग्रेड 2800 दिया जाये।

(2) समयमान वेतन- प्रदेश के पटवारियों को ग्रेड पे के सापेक्ष समयमान वेतन दिया जा रहा है, जबकि विधि अनुसार पद के सापेक्ष समयमान वेतन प्रति 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिया जाना चाहिये। जब कि मध्यप्रदेश में पटवारी संवर्ग को समयमान वेतनमान पद के सापेक्ष ना होकर पे ग्रेड के सापेक्ष में दिया जाता है | अतः पद के सापेक्ष समयमान वेतन दिये जाने के आदेश प्रसारित किये जाये।

(3) पदोन्नति विगत कुछ माह पूर्व राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक के पदों से क्रमशः डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी गई किन्तु प्रशासन की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले पटवारी पद को ही भेदभाव तरीको से इस पदोन्नति से वंचित रखा गया है, जबकि उक्त सभी पदों पर एक साथ पदोन्नति दी तो सिर्फ पटवारी के साथ ही ये भेदभाव क्यों किया गया राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदो को पटवारियों को पदोन्नति कर भरे जाये |

(4) भत्तों में बढोतरी :- विगत दस वर्षों से अधिक समय से पटवारी के किसी भत्ते मैं कोई वृद्धि नहीं की गयी है। माननीय द्वारा तीन सदस्यीय भक्ता समिति को दिये गये प्रजेन्टेशन में संघ के पत्र क्रमांक 1586/ पट संघ / 2073 दिनांक (06.02.2023 के द्वारा गृह भाड़ा भत्ता (अन्य कर्मचारियों के अनुसार वेतन का निर्धारित प्रतिशत), अतिरिक्त हल्के का भत्ता (10000 रुपये), यात्रा भत्ता (3000 रुपये) अन्य विभागों के कार्य हेतु भत्ता (5000 रुपये) मोबाइल एवं डाटा भत्ता (1000 रुपये) एवं कार्यालय भत्ता (2000 रुपये) की माँग महंगाई के अनुसार की गयी है, जिनमें सहानुभूतिपूर्वक विचार कर वृद्धि के आदेश प्रसारित किये जावे।

(5) आवश्यक संशाधनों की उपलब्धता कराने हेतु निवेदन है कि मध्य प्रदेश के सभी पटवारियों द्वारा केन्द्र व राज्य शासन की विभिन्न विभागों की अनेक योजनाओं (पी.एम. किसान, सी.एम, किसान, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना, धारणाधिकार, गिरदावरी, फसल कटाई प्रयोग) का कार्य सारा एप पर उनके निजी मोबाइल से किया जा रहा है. म.प्र. पटवारी संघ द्वारा विगत कई वर्षों में कई बार ज्ञापन प्रस्तुत कर शासन से उक्त कार्यों के लिये स्तरीय संसाधन (अपडेटेड मोबाईल ) की मांग की गई है परंतु आज दिनांक तक उक्त संबंध में संसाधन उपलब्ध कराने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई। निवेदन है कि पाँच वर्ष से अधिक समय पूर्व मात्र कुछ हजार पटवारियों को दिये गए निम्न कीमत के मोबाईल आउट डेटेड हो चुके है जो यदि चल भी रहे हो तो उनमें तारा ऐप नहीं चलता है। पटवारियों को उनके कार्य हेतु संसाधन (मोबाईल एवं ई.टी. एस. मशीन, रोवर मशीन) उपलब्ध कराने की कृपा की जाये।

अपनी इन्ही मांगो को लेकर पटवारी संघ अब आरपार की लड़ाई लड़ने के उद्देश्य से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया जिससे किसानों के सारे कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसान तो बिजली की समस्या से वैसे ही आक्रोशित है दूसरी तरफ गिरदावरी न भरे जाने से भी परेशान होने के चलते किसान आने वाले चुनाव में वैसा ही जबाब देगा जैसा झेलेगा।

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