Home क्राइम करंट से अधेड़ की मौत शिकारियों ने दफनाया शव को

करंट से अधेड़ की मौत शिकारियों ने दफनाया शव को

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उमरिया – जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम बरबसपुर उपतहसील के पीछे स्थित नदी के पास इंसान का शव मिट्टी में दफन हुआ मिलने की जानकारी मिली। जिस जानकारी के बाद मौके पर पुलिस पहुंची ने मिट्टी के अंदर दफन शव को बाहर निकाला गया है। पूरा घटनाक्रम जानने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना के संबंध में बताया गया कि मिट्टी में दबे शव  को बाहर निकालने के बाद  शिनाख्ती कराई गई जिसमें दौलत सिंह पिता धनपत सिंह उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम (कोल्हा) बरबसपुर के रूप में हुई है। मृतक दौलत सिंह पिछले चार दिनों से लापता रहा है जिसकी गुमशुदगी की शिकायत भी परिजनों ने सम्बंधित कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी।
इस मामले में शव की हालत देखकर प्रथम दृष्ट्या करेंट से मौत होने की जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक घटना के पास क़ई फिट जली हुई विद्युत तार भी मिली है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि जंगली जानवर का शिकार करने शिकारी करंट लगा तार बिछाए थे। जिसकी चपेट में मृत दौलत सिंह आ गया होगा जिससे उसकी मौत हो गई  है। 
इस मामले में यह बात भी बिल्कुल साफ है कि शिकारियों को इस हादसे की भनक लगते ही लाश को ठिकाने लगाने घटना स्थल से काफी दूर लाकर मिट्टी में दफन कर दिया गया है। गुरुवार की सुबह ग्रामीणों को इसकी भनक लगते ही उनके द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई। जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो सका है। इस पूरे मामले में फिलहाल पुलिस तफ्तीश कर रही है।जल्द ही मौत के कारण साफ हो सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि मृत दौलत सिंह पूर्व में पटवारी के पद पर पदस्थ रहे है। लेकिन शारीरिक बीमारी की वजह से पटवारी का पद छोड़कर घर मे ही रहते थे। घटना के दिन वह शौच के लिए इधर आये होंगे और हादसे का शिकार हो गए। जब वह क़ई घण्टे वापस न आने पर परिजनों के द्वारा आसपास तलाश की गई परन्तु कही पता नही चला। बाद में परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
गौरतलब है कि जिले में यह कोई पहली घटना नही है, ऐसी सैकड़ों घटनाएं घट चुकी हैं और सभी मे वन विभाग और पुलिस के हाथ खाली ही रहे हैं। करंट का मामला चाहे सरसवाही, टिकुरा कठई, ताली, अचला, मझगंवा, या पार्क क्षेत्र हो या फिर रेग्युलर हो अथवा कारपोरेशन के क्षेत्र हों, हर जगह करंट के मामले सामने आते हैं और पुलिस भी मर्ग कायम कर खात्मा खारिजी भेज देती है और वन विभाग तो वन विभाग ही है, उनकी तो मिलीभगत रहती ही है। ऐसे में जब तक वन विभाग सख्त और ईमानदार नही होगा तब तक निर्दोष व्यक्ति और जानवर मरते ही रहेंगे।

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