Home क्राइम लापरवाही: मानवता हुई शर्मसार,शव को रखा कचरा वाहन में – सुरेंद्र त्रिपाठी

लापरवाही: मानवता हुई शर्मसार,शव को रखा कचरा वाहन में – सुरेंद्र त्रिपाठी

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उमरिया 31 जुलाई – जिले के चंदिया थाना अंतर्गत ग्राम बांका निवासी युवक ने पहले अपनी पत्नी की ह्त्या की फिर टी.बी.सी.एल. कम्पनी के द्वारा खोदी गई खदान में भरे पानी में कूद कर खुदकुशी करली, लेकिन मृतक के शव को वाहन में ना लेजाकर कचरा वाहन से शव को लेजा कर शव का अपमान किया|

15 जुलाई को उमरिया जिले के चंदिया थाना अंतर्गत ग्राम बांका निवासी धर्मेन्द्र यादव की किसी बात पर रात 1 बजे अपनी पत्नी कपसी बाई से झगड़ा हुआ और झगड़े के दौरान धर्मेंद्र ने पत्नी पर गैंती से हमला कर पीड़ित को गंभीर अवस्था में छोड़ कर फरार हो गया, दूसरे दिन घायल महिला की मौत हो गई। आरोपी के भाई ने बताया कि गंभीर अवस्था में भाभी को रात में ही चंदिया अस्पताल ले कर गए लेकिन वहां से उमरिया रिफर कर दिया गया और गंभीर अवस्था को देखते हुए वहां से भी डॉक्टरों ने जबलपुर के लिए रिफर कर दिया,  जहां 4 बजे करीब भाभी की मौत हो गई, दूसरी ओर भाई भी उसी समय से गायब था लेकिन आज पता चला कि सिंघानिया प्लांट में एक डेडबॉडी पड़ी है जब देखने गए तो शर्ट, और मोबाईल से पहचान हुई कि ये हमारा भाई है |

इस मामले पर चंदिया टी.आई. एम.एल. वर्मा ने बताया कि 15 जुलाई की रात लगभग 1 से डेढ़ बजे के बीच अपनी पत्नी को गैंती से हमला किया जिससे गले, सीने और कमर के नीचे गंभीर चोट आई और 16 जुलाई को पीड़िता की मौत हो गई, वारदात को अंज़ाम देने के बाद से आरोपी था उसके ऊपर 302 का मुकदमा पंजीबद्ध है, पुलिस लगातार इसकी तलाश करती रही आज करीब 10 बजे बांका निवासी कम्मू सिंह उर्फ़ कमलेन्द्र सिंह ने सूचना दी कि सिंघानिया प्लांट की पुरानी खदान जिसमें पानी भरा है उसमें एक लाश तैर रही है..सूचना मिलते ही मैं अपने दल – बल के साथ खदान पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराने पर पता चला कि मृतक धर्मेन्द्र यादव पिता राम कृपाल यादव है इसकी उम्र 35 वर्ष के करीब है इसके शर्ट, मोबाईल और जेब की पन्नी से पहचान हुई कि मृतक धर्मेन्द्र यादव है जो घटना को अंज़ाम देने के बाद से फरार चल रहा था |

 

मृतक तो तैश में आकर किसी मामले को लेकर अपनी पत्नी की ह्त्या कर दी लेकिन आत्म ग्लानि और कानून के डर से आत्म ह्त्या कर लिया…

पर अफसोस जो जीवित हैं उनकी मानवता भी खत्म हो गई है जान पड़ता है…कचरा वाहन में शव को लेजाते जिसने भी देखा सभी ने एक स्वर से बोला कि शव का अपमान नहीं होना चाहिए, वैसे तो नगर पंचायत चंदिया में 5 –5 करोड़ का घोटाला हो जाता है लेकिन एक शव वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकती है|

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया

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