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जानिये तीन सहकारी समिति के एक भ्रष्ट खरीदी प्रभारी का कारनामा

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समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किस किस विभाग की सहमति से कितने का घोटाला होता है देखिये एक रिपोर्ट

हमारे सम्माननीय पाठकों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में कैसे घोटाले होते हैं और किस किस विभाग की मिली भगत होती है आज आपको एक छोटा सा नमूना बताते हैं। केन्द्र और प्रदेश की सरकार किसानों का स्तर उठाने के लिए हर सम्भव प्रयास करती है। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग बनाये गए हैं, सभी विभागों के मंत्री से लेकर मुख्य सचिव एवं बहुत से अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निचले स्तर पर जे आर सी एस, डी आर सी एस, एआरसीएस, जनरल मैनेजर, मैनेजर, जिला नागरिक आपूर्ति अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी एवं अन्य नियुक्त किये गए हैं। अब इनके नीचे सहकारी समितियों में प्रबंधक, विक्रेता भी नियुक्त है।
यह तो रहा वर्गीकरण अब आइये आपको मानपुर विधानसभा क्षेत्र के मानपुर जनपद अंतर्गत आने वाली इंदवार शाखा की तीन समितियों में एआरसीएस, प्रशासक, प्रबंधक, खरीदी प्रभारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला नागरिक आपूर्ति अधिकारी की सहमति से किसानों को कैसे लूटा गया आपको बताते हैं।


ये तीनो समितियां हैं – आदिमजाति सेवा सहकारी समिति कोटरी, अमरपुर और चिल्हारी, इनके समितियों में जिले के सबसे बड़े भ्रष्ट व्यक्ति को खरीदी प्रभारी नियुक्त किया गया, इस नियुक्ति में प्रभारी एआरसीएस अभय सिंह, पूर्व प्रशासक चन्द्र मणि द्विवेदी, वर्तमान प्रशासक संजय सराफ और प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी की अहम भूमिका रही।

अब आप जानने को उत्सुक होंगे कि ऐसा महान व्यक्ति कौन है तो जान लीजिए पहले भी उनके बारे में बता चुका हूँ, वो हैं रजनीश दत्त तिवारी।

अब आप कहेंगे कि ये लोग मिल कर कैसे किसानों को लूटे हैं तो जानिए –


इनको 3 खरीदी केन्द्र का प्रभारी बनाया गया, जिसमे आदिमजाति सेवा सहकारी समिति कोटरी, अमरपुर और चिल्हारी शामिल हैं।
कोटरी समिति की धान खरीदी श्री वरी वेयर हाउस में हुई, अमरपुर समिति की धान खरीदी बालाजी वेयर हाउस में हुई और चिल्हारी समिति की धान खरीदी गड़रिया टोला ओपन कैप में हुई।
कोटरी समिति में 491 किसानों ने 32659 क्विंटल अर्थात 81648 बोरी धान की खरीदी हुई।
अमरपुर समिति में 366 किसानों से 26276 क्विंटल अर्थात 65690 बोरी धान की खरीदी हुई।
चिल्हारी समिति में 516 किसानों से 32860 क्विंटल अर्थात 82150 बोरी धान की खरीदी हुई।
अब इस धान खरीदी में तीनो सेंटर में किसानों से प्रति बोरी 41 किलो धान की खरीदी हुई जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम के बताए अनुसार बोरी का मानक वजन 580 ग्राम है अर्थात प्रति बोरी 420 ग्राम अधिक धान लिया गया।


अब इस हिसाब से तीनों खरीदी केंद्रों में कुल मिलाकर 91795 क्विंटल धान की खरीदी हुई अर्थात 229488 बोरी धान किसानों से खरीदी गई। इस पूरी खरीदी में किसानों से 964 क्विंटल धान अधिक लिया गया और इसकी कीमत 2104412 रुपये हुए जो खरीदी प्रभारी अर्थात रजनीश दत्त तिवारी डकार गए।


रुकिए इतना ही नही है अभी दूसरा खेल देखिए सभी सेंटरों में पुरानी सड़ी गली छन्ना मशीन रख कर अपने बेटे धरणीश दत्त तिवारी के नाम से धरणीश ट्रेडर्स के नाम का बिलबुक छपवा कर प्रति क्विंटल 20 रुपये के दर से धान की छनाई की रसीद काट कर सभी किसानों को दिए और सभी से 20 रुपये क्विंटल के दर से पैसा वसूल लिए अब इस अवैध वसूली की कुल रकम 1835900 रुपये हुए जो खरीदी प्रभारी रजनीश दत्त तिवारी अपने बेटे के नाम पर किसानों से लूट लिए।


अब और आगे देखें किसानों से बोरी भराई, तुलाई, सिलाई, स्ट्रेंसिल लगवाई के नाम पर 11 रुपये प्रति बोरी के दर से वसूलने का काम किया गया, अब इस वसूली की रकम 2524368 रुपये हुए जो किसानों से लूटे गए।
यदि तीनो रकम का योग देखें तो 6464680 रुपये खरीदी प्रभारी रजनीश दत्त तिवारी ने किसानों का मार दिया। इसमें हिस्सा सभी को जाएगा इसीलिए किसी अधिकारी को गोलमाल नजर नही आया। इतना ही नही ये तो खरीदी प्रभारी के लिए छोटा सा काम रहा इसके अलावा जो प्रति क्विंटल सुविधा शुल्क लिया गया वह अलग। इस तरह तीन समितियों में किसानों से लगभग 90 लाख रुपये की वसूली हो गई।
अब आप ही सोचिए कि जो किसान 4 माह खून पसीना एक करके फसल पैदा करता है और सहकारी समिति में बैठे ऐसे भ्रष्ट लोग बिना मेहनत के एक सीजन में एक करोड़ रुपये किसानों की चमड़ी नोच कर कमा लेते हैं और ईमानदार अधिकारी आंख बंद करके देखते रहते हैं।
ऐसे में तो लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और अन्य सभी एजेंसियों को संज्ञान लेकर इनकी जांच करनी चाहिए और सख्त सजा मिलनी चाहिए। क्षेत्र की जनता जिले के कलेक्टर और एसपी से न्याय की उम्मीद लगाए बैठी है।
आज के लिए बस इतना ही साथियों अगले अंक में हम आपको बताएंगे कि इनकी नियुक्ति भी नियम विरुद्ध है, जो कि इनको इस पद के लिए पहले ही अयोग्य घोषित किया जा चुका है और किस तरह जबरन इस पद पर बैठे हैं साथ ही इंडवार ब्रांच की दूसरी समितियों का खुलासा अगले अंक में….

साथ ही कापी पेस्ट करने वालों से अनुरोध है कि कृपया कापी पेस्ट न करें। धन्यवाद

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