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झोला छाप के इलाज से 2 बच्चों की मौत

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दो आदिवासी महिलाओं के कुछ माह के बच्चों की झोलाछाप बंगाली डॉक्टर के इलाज से हुई मौत, पीड़िताओं ने लगाई न्याय की गुहार।


उमरिया – जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र अर्न्तगत 5 नंबर कॉलोनी में फर्जी क्लीनिक संचालक झोला छाप डॉक्टर समीर कुमार अधिकारी के इलाज से दो आदिवासी महिलाओं के बच्चों की मौत हो गई थी जिसकी शिकायत उन्होंने जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से लिखित में की है।

वही इस मामले में पीड़ित आदिवासी महिला शशि बैगा निवासी नौरोजाबाद एवं अनीता कोल निवासी ग्राम पिनौरा ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरे बच्चों की तबीयत खराब हो जाने के कारण मैं नौरोजाबाद पांच नंबर बंगाली डॉक्टर के यहा ले गई थी उस डॉक्टर के गलत दवाई के कारण ही मेरे बच्चे की मौत हुई है दोनों आदिवासी महिलाओ ने उमरिया पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

इस मामले मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया ने बताया कि दो बैगा महिलाएं आई थी जिन्होंने बताया कि नौरोजाबाद पांच नंबर कॉलोनी में कोई बंगाली डॉक्टर है जिसका नाम समीर कुमार अधिकारी है बताया जाता है कि वह झोलाछाप डॉक्टर है उसके गलत दवाई देने से उनके बच्चों की मृत्यु हुई है, ऐसी शिकायत मुझे प्राप्त हुई है जांच की जा रही है जांच में अगर दोषी पाया जाता है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है कि केवल दो ही जान गई है। इसके पूर्व में भी कई लोगों की जान जा चुकी है। झोलाछाप डॉक्टर समीर अधिकारी के इलाज के चलते जो कि गरीब आदिवासी जान नहीं पाते हैं कि उनके परिजन की मौत किस वजह से हुई है और मामले को दबा दिया जाता है। अब मामला जिला शासन प्रशासन तक पहुंचा तो उम्मीद है कि सख्त कार्रवाई होगी। ऐसा नही है कि जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर समीर अधिकारी ही है, बल्कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है और लगभग हर जगह यही स्थिति है, उनके इलाज से किसी की मौत हो जाती है तो मामले को कुछ लोकल छुटभैये मिल कर गरीब आदिवासी को बरगला कर चुप करवा देते हैं और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इनसे हर माह अपना खर्च लेकर लोगों को मारने की खुली छूट दे रखे हैं।

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