Home बॉलीवुड डीजीपी ने किया खुलासा, श्रीदेवी की मौत हादसा नहीं बल्कि मर्डर!

डीजीपी ने किया खुलासा, श्रीदेवी की मौत हादसा नहीं बल्कि मर्डर!

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एक्ट्रेस श्रीदेवी की मौत के करीब डेढ़ साल बीत चुका है लेकिन अभी हाल ही में एक खबर नें सभी को चौका कर रख दिया है। केरल के जेल डीजीपी ऋषिराज सिंह ने दावा किया है। कि श्रीदेवी की मौत हादसा नहीं बल्कि मर्डर था। उन्होंने ये दावा फॉरेसिक एक्सपर्ट और उनके करीबी दोस्त डॉ. उमादथन के हवाले से किया है। डीजीपी के इस बयान के बाद श्रीदेवी के पति और फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर का रिएक्शन सामने आया है।

डीजीपी के द्वारा श्रीदेवी की मौत मर्डर को लेकर दिए बयान पर बोनी ने कहा- मैं ऐसी बेवकूफी भरी कहानियों पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता। मुझे नहीं लगता ऐसी चीजों पर प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ऐसी मूर्खतापूर्ण कहानियां सामने आती रहती हैं। देखा जाए तो ऐसी बातें किसी की कल्पना भर है।

उमादथन का बुधवार को 73 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें केरल में मर्डर मिस्ट्री केस सुलझाने के लिए जाना जाता था। दोस्त के निधन पर डीजीपी ने एक लोकल अखबार के लिए नोट लिखा। इस नोट में उन्होंने उमादथन की मौत के साथ श्रीदेवी की मौत को लेकर हुई चर्चा का जिक्र किया। सिंह ने बताया- ‘मैंने जिज्ञासापूर्वक उमादथन से श्रीदेवी के केस के बारे बात की। उनके जवाब ने मुझे झिंझोड़ कर रख दिया था। उन्होंने बताया था कि वो पूरे मामले को करीब से देख रहे थे। रिसर्च के दौरान उन्हें इस बात की पूरी संभावना नजर आई कि श्रीदेवी की मौत हादसा नहीं बल्कि मर्डर है। इस दौरान उन्हें ऐसे कई सबूत मिले जिससे ये संभावना बनती है कि उनकी हत्या की गई थी।’

आगे वो लिखते हैं- ‘मेरे दोस्त ने बताया कि कोई भी नशे में धुत इंसान किसी भी स्थिति में एक फुट गहरे बाथटब में नहीं डूब सकता। मेरे दोस्त ने दावा किया था कि किसी ने एक्ट्रेस के दोनों पैरों को पकड़ा होगा और सिर को पानी में डुबोया होगा।’

दुबई पुलिस ने की मौत की लंबी पड़ताल

पिछले साल 24 फरवरी को दुबई के एक होटल में उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक नशे में धुत एक्ट्रेस की बाथटब में डूबने से मौत हो गई। दुबई पुलिस ने लंबी पड़ताल भी की लेकिन उन्हें मर्डर होने के कोई सबूत नहीं मिले, जिसके बाद उनकी मौत को हादसा माना गया।

लीबिया सरकार के मेडिको-लीगल कंसलटेंट थे उमादथन

डॉ. उमादथन की बात करें तो राज्य के थ‌िरुवनंतपुरम, अल्पापुझा, कोट्टयम, त्रिशूर के मेडिकल कॉलेजों में बतौर फॉरेंसिक मेडिसिन प्रोफेसर काम किया था। उन्हें लीबिया सरकार ने अपना मेडिको-लीगल कंसलटेंट भी चुना था। केरल पुलिस ने कई मर्डर केस सुलझाने में उनकी मदद ली थी।

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