Home राज्य जिला प्रशासन की लापरवाही से हजारों क्विंटल धान भीगी – सुरेन्द्र त्रिपाठी

जिला प्रशासन की लापरवाही से हजारों क्विंटल धान भीगी – सुरेन्द्र त्रिपाठी

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उमरिया 27 जनवरी – जिले में प्रशासन की लापरवाही के चलते करोणों की धान बारिश और ओले से भीग गई, वहीँ नागरिक आपूर्ति निगम के चहेते परिवहनकर्ता की मनमानी के चलते खरीदी केन्द्रों में धान का स्टाक भरा पडा है जबकि ट्रकों में परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते ओवर लोड माल परिवहन किया जा रहा है तब नहीं हो रहा है परिवहन, जिले के कलेक्टर इस मामले में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिए, वहीँ नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला प्रबंधक खुले आम परिवहनकर्ता का पक्ष लेते नजर आये |

उमरिया जिले के खरीदी केंद्र पडवार में तो नागरिक आपूर्ति विभाग की मिली भगत से खरीदी प्रभारी 24 जनवरी तक धान की खरीदी किया है जबकि जिले में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 19 जनवरी को खरीदी बंद हो चुकी थी फिर भी 19 जनवरी को आंकड़े बढ़ा कर पोर्टल में दर्ज करवा दिया गया और 24 जनवरी तक व्यापारियों से किसानों के नाम की खरीदी होती रही, इतना ही नही खरीदी के बाद हैण्ड पंप के बगल से धान रखवा दिया गया जिससे धान भीगना शुरु हो गई, जब इसा मामले में खरीदी प्रभारी से बात करनी चाही गई तो वो नदारद मिले वहीँ बोरी सिलते हुए गंगा राम मिला जिसने बताया कि जगह की कमी है और अभी बिजली न होने के कारण सिलाई नहीं हो सकी और धन का ढेर होने का कारण परिवहन न होना बताया गया |

वहीं गाँव के ही महेन्द्र तिवारी का कहना है कि हमारे सामने कल तक खरीदी हुई है व्यापारी की धान कल्लू जायसवाल के नाम से खरीदे हैं जिसके कारण बोरियां सिली जा रही हैं पचासों क्विंटल धान की खरीदी हुई है |

अब ज़रा सहकारी समिति चंदिया का हाल भी देखें यहाँ 10 हजार क्विंटल धान भंडारण की क्षमता का गोदाम समिति का खुद का है उसके बाद खुले में हजारों क्विंटल धान बारिश में भीग गई और उसके बाद अब गोदाम में रखवाया जा रहा वह भी गीली बोरी, जब खरीदी प्रभारी संतोष तिवारी से इस मामले में बात किये तो सफाई देते हुए कहे कि पानी गिरा है व्यवस्था चल रही है बोरी जरूर गीली हुई है धान गीली नहीं हुई, परिवहनकर्ता से हम बोले तो गाडी नहीं भेज पाए हैं, कल एक भी गाडी नहीं आई, कल अगर गाडी भेज देते तो हमारा बाहर का पूरा माल उठ गया होता हम सिलाई करवा कर चौकवाने की व्यवस्था कर रहे थे तभी पानी गिरने लगा, लेकिन धान गीली नहीं हुई है वहीँ धान की बोरी पलटवा कर सुखवाने की भी बात कर रहे हैं |

इस मामले में जब जिले के कलेक्टर अमरपाल सिंह से बात किया गया तो वो कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिए, तब नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक मुकुल त्रिपाठी से बात किया गया तो उनका कहना है कि कोई भी खरीदी केंद्र हो सरकार के द्वारा 19 तारीख तक डेट बधाई गई थी 19 तक ही खरीदी हुई है, शासन की व्यवस्था है शासन देखेगा हमसे कोई मतलब नहीं है सरकार के पोर्टल में 19 तारिख से खरीदी बंद हो गई है, सरकार ने 30 हजार मीट्रिक टन खरीदने की व्यवस्था दिया था और यहाँ 46 हजार मीट्रिक टन खरीदी हो गई है, परिवहनकर्ता का पक्ष लेते हुए कहे कि सरकार को लिखा गया है उसके लिए अन्य जिलों में भेजा जा रहा है जैसे – जैसे व्यवस्था होती जा रही है वैसे – वैसे माल उठता जा रहा है पिछले साल 33 हजार मीट्रिक टन खरीदी हुई है इस साल 46 हजार हुई है 13 हजार मीट्रिक टन ज्यादा खरीदी हुई है, एग्रीमेंट में ओवर लोड का कोई प्रावधान नहीं है धान की बोरी हलकी होती है इसलिए ओवर लोड दिखता है जब उनसे कहा गया कि देखा जाय तो 700 बोरी लेकर गाड़ियाँ जाती हैं जिसमें 40 किलो प्रति बोरी के मान से 28 टन माल जाता है तब अपने चहेते परिवहनकर्ता का पक्ष लेते हुए कहे कि गाड़ियाँ 35 टन की हैं यदि रिकार्ड देखा जाय तो हर गाड़ियाँ ओवर लोड जा रही हैं, वहीँ स्वीकार भी कर रहे हैं कि एग्रीमेंट के आधार पर ओवर लोड का कोई प्रावधान नहीं है |

गौरतलब है कि इस एक तरफ सरकार घोटालों को बंद करने की बात कर रही है वहीँ दूसरे तरफ खरीदी में खुले आम व्यापारियों का माल खरीद कर किसानों के नाम पर दर्ज किया गया है वहीँ दूसरी तरफ जिला परिवहन अधिकारी की शह पर जम कर ओवर लोडिंग का काम आन रिकार्ड हो रहा है | ऐसे में तो साफ़ जाहिर होता है कि जिले अधिकारियों की मिली भगत से बन्दर बाँट जो रहा है और प्रदेश सरकार की योजनाओं को खुले आम पलीता लगाया जा रहा है, ऐसे में उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है |

 

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