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rigging in paddy, साढ़े बारह लाख की धान गायब, समिति प्रबंधक, खाद्य अधिकारी और मिलर कर रहे लीपापोती

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सहकारी समिति भरौला
सहकारी समिति भरौला

rigging in paddy उमरिया – जिले के सहकारी समिति भरौला के अंतर्गत आने वाले खरीदी केंद्र सलैया 5 का है सारा मामला। सरकार द्वारा किसानों से खरीदी जाने वाली धान के लिए जिले में 42 केंद्र बनाए गए थे जिसमें एक केंद्र सलैया 5 भी रहा, वहां के प्रबंधक चतुर्वेदी जी द्वारा खरीदी करने के लिए भूपेन्द्र सिंह को नियुक्त किया गया था, हालांकि भूपेन्द्र सिंह द्वारा भी पूर्व में कई बार गबन किया जा चुका है एवं जिला आपूर्ति अधिकारी की कृपा से दोष सिद्ध होने बाद भी कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। इस बार फिर पीएसएस के लिए मौका मिल गया और 658.43 क्विंटल धान में हाथ मार दिए। जब परिवहन कार्य पूर्ण हुआ तब सारा मामला सामने आया। उस धान की शिकायत होने के बाद जिले के कलेक्टर कृष्ण देव् त्रिपाठी तक मामला पहुंचा तो उन्होंने टीम बना कर जांच करने का निर्देश दे दिया। जिसकी कमान जिला आपूर्ति अधिकारी बी एस परिहार के हाथ आ गई और फिर उन्होंने अपने चहेते भूपेन्द्र सिंह को खुली छूट देते हुए पूरे मामले को रफा दफा करने में जुट गए। इतना ही नही इस मामले में ग्राम चंदवार के सरस राइस मिल मालिक को भी पटा कर उनके यहां धान होना बताया जा रहा है। जबकि टीम द्वारा सरस राइस मिल की जांच के नाम पर लीपापोती कर दिया गया, वहां न तो धान का स्टॉक मिलाया गया और न ही बोरियां गिनी गईं।

कमलभान सिंह चौकीदार
कमलभान सिंह चौकीदार

इतना ही नही सलैया खरीदी केन्द्र में मौजूद चौकीदार कमलभान सिंह ने बताया कि हम 13 दिसम्बर 2022 से धान खरीदी चालू हुई है और 16 जनवरी के पहले ही बंद हो गई यहां मात्र 450 बोरी धान ग्राम अचला के किसान सुन्दर यादव की रखी है, हम लोग 2 आदमी चौकीदारी कर रहे हैं और आज तक हम लोगों को पेमेंट नही मिला है, हमको खाने के लाले पड़ गए हैं। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र दुग्बार जो कि सलैया 5 में खरीदी की जाती थी वहां 442 किसानों से 26897 क्विंटल धान खरीदी गई और कुल खरीदी धान में से 26262 क्विंटल धान जमा की गई जिसमे 635 क्विंटल धान कम जमा हुई वहीं 23.43 क्विंटल धान रिजेक्ट हुई इस तरह कुल मिला कर 658.43 क्विंटल धान लापता हो गई। इस खेल में समिति प्रबंधक अशोक चतुर्वेदी, भूपेन्द्र सिंह और प्रशासक संदीप साकेत की भूमिका संदिग्ध है।

बी एस परिहार जिला आपूर्ति अधिकारी
बी एस परिहार जिला आपूर्ति अधिकारी

वहीं जब जिला आपूर्ति अधिकारी बी एस परिहार से इस मामले में बात किया गया तो वो अपने आपको बेहद ईमानदार प्रदर्शित करते हुए कहे कि हमारा तो इन मामलों से कोई लेना देना नही है और कलेक्टर महोदय द्वारा टीम गठित किया गया था जिसमे तहसीलदार चंदिया, नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी, कोआपरेटिव इंस्पेक्टर थे और अभी जांच रिपोर्ट नही आई है, उनके द्वारा बताया गया है कि 557 क्विंटल धान कम है, उस पर जो भी वैधानिक कार्रवाई है की जाएगी, वहीं जब पूंछा गया कि भूपेन्द्र सिंह के कई गबन के मामले आपके यहाँ से जांच में दोष सिद्ध होने के बाद कोई कार्रवाई न होना संदिग्ध है तो उनका कहना है कि यह सहकारिता विभाग का मामला है और वो ही बता पाएंगे कि किसकी नियुक्ति की गई है। जबकि देखा जाय तो सारा खेल जिला आपूर्ति अधिकारी के द्वारा ही खेला जाता है और बदनाम दूसरे विभागों को किया जाता है।

यही कारण रहा कि तत्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव इनके कारनामो को अच्छी तरह जान गए थे और इनको अधिकार शून्य कर सारा प्रभार एडीएम को सौंप दिए थे, लेकिन वर्तमान कलेक्टर को ये अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में उलझा कर अपना खेल खेलने में व्यस्त हैं।

 

के डी त्रिपाठी कलेक्टर उमरिया
के डी त्रिपाठी कलेक्टर उमरिया

वहीं जब जिले के कलेक्टर कृष्ण देव त्रिपाठी से इस मामले में बात किया गया तो उनका कहना है कि इस मामले में किसानों को कोई क्षति नही होगी और जो भी जिम्मेदार होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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