Home क्राइम हिट एंड रन का मामला आया सामने प्रकरण दर्ज आरोपी गिरफ्तार

हिट एंड रन का मामला आया सामने प्रकरण दर्ज आरोपी गिरफ्तार

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एडीजीपी शहडोल डी.सी.सागर द्वारा सड़क दुर्घटना में हुये मृतकों के परिजनों को उनके घर पहुंच कर सांत्वना दी गई आरोपी गिरफ्तार

दिनांक 14/01/2024 को मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोलुहाबाह तिराहे के पास ट्रेलर क्रमांक सी जी 04 एन डब्ल्यू 6157 के चालक द्वारा दो बैगा आदिवासी युवकों को जोरदार ठोकर मारा गया था एवं चालक ट्रेलर लेकर मौके से फरार हो गया था जिसमे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी दूसरा जिला अस्पताल पहुंच कर दम तोड़ दिया था और मृतक की भाभी गम्भीर होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती है।

इस मामले में थाना मानपुर में अपराध क्र. 27/2024 धारा 279, 337, 304-ए ताहि का कायम कर विवेचना की जा रही थी, जांच के दौरान जिला अस्पताल उमरिया में भर्ती गम्भीर घायल महिला पुष्पा बैगा के मरणासन्न कथन लिए गए जिसने अपने कथन में बताया कि एक ट्रेलर ट्रक के द्वारा मोटर सायकल को पीछे से टक्कर मारने से सुरेश बैगा व सत्यराज बैगा की मौत हो गई है। ट्रक चालक द्वारा तेज रफ्तार एवं बर्बरतापूर्वक ट्रक चलाते हुए गंभीर घायलों को छोड़कर भाग गया।

इस मामले में एडीजीपी शहडोल डी सी सागर ने बताया कि दिनांक 14/01/2024 को घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मेरे द्वारा घटना स्‍थल पहुंच कर अपराध घटना का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया गया और दुर्घटना में मृत युवकों सुरेश बैगा व सत्यराज बैगा निवासी बिजौरी के घर जाकर उनके परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट किया और आरोपियों को पकड़ने का आश्वाासन दिया। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया, एसडीओपी उमरिया, थाना प्रभारी मानपुर को संवेदनशीलता से घटना के संबंध में समस्त वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक तथ्यों व साक्ष्यों का संकलन कर विवेचना करने और घटना स्थ‍ल से फरार आरोपी की पतारसी कर गिरफ्तार करने के लिए निर्देशित किया गया।


इसके बाद दिनांक 15/01/2024 को आरोपी चालक लालमन सिंह गोड़ को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त‍ ट्रेलर ट्रक क्रमांक सी जी 04 एन डब्ल्यू 6157 को जप्त कर लिया गया।
गौरतलब है कि एडीजीपी की तत्परता से इस अमानवीय घटना में तत्काल संज्ञान लिया गया और आरोपी चालक को गिरफ्तार एवं ट्रेलर को जप्त कर आईपीसी की धारा 304 का इजाफा कर जेल भेजा जा रहा है, या यह कहें कि हिट एंड रन का प्रकरण दर्ज हो गया। यदि देखा जाय तो हिट एंड रन यही है, क्योंकि ठोकर मार कर फरार हो जाना, पीड़ित की जान बचाने एवं पुलिस या एम्बुलेंस को फोन करने का प्रयास न करना इसी श्रेणी में आता है। यह अलग बात है कि अभी इस कानून को होल्ड पर रखा गया है। अब न्यायालय किस तरह इस मामले पर सुनवाई करेगी यह उस पर निर्भर है।

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