सुरेन्द्र त्रिपाठी
उमरिया 27 जुलाई – जिले में आर एस आई स्टोन वर्ड प्राइवेट लिमिटेड को रेत का ठेका क्या मिल गया अपने आप को शहंशाह समझ बैठे, गत दिनों जिले के कलेक्टर साहब इनको 6 जगह बैरियर लगा कर रेत चोरी रोकने के उद्देश्य से अनुमति क्या दे दिए ये लोग गुंडागर्दी पर उतारू हो गए, गौरतलब है कि देवरा और जीरो ढाबा के पास एन एच 43 में कैसे अनुमति दे दी गई समझ से परे है, वहीं ग्राम घोघरी में भी अनुमति दी गई है और ये लोग वन विभाग के बैरियर को अपना समझ बैठे जबकि उस बैरियर का उपयोग मात्र वन विभाग कर सकता है वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने इनको अपना बैरियर उपयोग करने की अनुमति नही दिया है फिर भी उसका उपयोग किया जा रहा है, इतना ही नहीं ग्राम पंचायत बड़खेरा 22 के सरपंच और सचिव की मिलीभगत से वहां बने सामुदायिक भवन पर भी अपना कब्जा कर लिए हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं, अब ग्रामीणों में आक्रोश पनपना शुरू हो गया है। यदि नियमानुसार देखा जाय तो सामुदायिक भवन का उपयोग गांव वालों के अलावा मात्र शासकीय प्रयोजन के लिए ही किया जा सकता है, इस मामले में करकेली जनपद के सी ई ओ आर के मंडावी से बात किया गया तो उनका कहना है कि सचिव ने बताया कि कलेक्टर साहब की कोई चिट्ठी थी वहां बैरियर लगाने को कहा गया है, उसी आधार पर हम 1700 रुपये महीने में किराए से दिए हैं, जबकि नियमानुसार नही दिया जा सकता है, वहीं सी ई ओ कहे कि मैं सचिव को बोल देता हूँ कि उसको खाली करवाया जाय, वो लोग अपनी व्यवस्था करें। खनिज विभाग तो रेत ठेकेदार का गुलाम ही है, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपेक्षा किया है कि ठेकेदार के गुंडों से हमारा सामुदायिक भवन खाली करवाया जाए और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को रोका जाय जिससे कोई भी अप्रिय घटना न घट सके।