Home क्राइम ऋण माफ़ी बनाम घोटाला – सुरेन्द्र त्रिपाठी

ऋण माफ़ी बनाम घोटाला – सुरेन्द्र त्रिपाठी

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उमरिया 06 फरवरी – जिले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शहडोल की इन्दवार शाखा अंतर्गत आने वाली सहकारी समितियों में जय किसान कर्ज माफी योजना अंतर्गत करोड़ों का हो रहा है घोटाला, समिति प्रबंधक मृत और फर्जी लोगों के करवा रहे हैं कर्ज माफ़ | किसान पुलिस से लेकर जिले के कलेक्टर तक को शिकायत करके हैं परेशान, जिले के कलेक्टर कुछ भी बोलने से कर रहे हैं मना, जिले के एस पी जांच करवा कर कार्यवाई करने की बात कर रहे हैं वहीँ अपर कलेक्टर भी जांच करवाने की बात कर रहे हैं |

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शहडोल की उमरिया जिले में कई शाखाएं हैं उनमें से एक शाखा इन्दवार भी है जिसके अंतर्गत 7 समितियां आती हैं, इन्दवार, भरेवा, पडवार, सलैया, चिल्हारी, कोटरी और अमरपुर, इन सभी समितियों में करोड़ों का फर्जी ऋण माफी घोटाला किया जा रहा है, पूर्व में सहकारी समिति पडवार में सवा दो करोड़ का घोटाला किया जा चुका है जिसकी जांच प्रक्रिया शुरू हुई और उसमें राम नरेश द्विवेदी, रमेश प्रताप सिंह, प्रदीप नामदेव और अयोध्या प्रसाद दोषी पाए गए, लेकिन आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी | अब जब प्रदेश में नई  सरकार आपने वादे के अनुसार किसानों का कर्ज माफ़ करना शुरू की तो पडवार, सलैया, चिल्हारी, कोटरी में मृत किसानों, फर्जी किसानों के नाम सामने आने लगे | सलैया के किसान तीरथ पटेल का कहना है कि हमने आज तक कर्ज लिया ही नहीं फिर मेरे नाम पर 45 हजार का कर्ज कैसे चढ़ा है मेरे पिताजी का लेन – देन बराबर चल रहा है फिर उनके नाम पर 98 हजार का कर्ज कैसे है इसकी जांच होनी चाहिए, हम 181, जिले के कलेक्टर और एस पी हर जगह आवेदन दिए हैं, वहीँ ग्राम पडवार के किसान कैलाश पटेल का कहना है कि मेरे पिताजी दस साल पहले ख़त्म हो चुके हैं और कभी कर्ज लिए ही नहीं फिर उनके नाम पर कैसे कर्ज आ गया इसकी जांच करवाई जाय |

वहीँ ग्राम सलैया की 80 वर्षीया वृद्धा ललती बाई के नाम से भी फर्जी कर्ज दर्ज कर उसके पुत्र प्रेम दास का गेंहू का पैसा कर्ज में काटने का काम भी पडवार समिति द्वारा किया गया था तब माँ और बेटा जिले के तत्कालीन कलेक्टर माल सिंह के पास गुहार लगाये थे जिसमें जांच के बाद कर्ज होना नहीं पाया गया था लेकिन अब फिर से उसके नाम कर्ज दर्ज कर दिया गया, ललती बाई के पुत्र प्रेम दास का कहना है कि मैं कलेक्टर साहब के पास गया था और जांच के बाद मेरे को पात्र वदिया गया था कि तुम्हारे ऊपर कोई कर्ज नहीं है लेकिन फिर से 80 हजार का कर्ज निकाल दिया गया है मैं फिर से आवेदन दिया हूँ | वहीँ अगर देखा जाय तो चिल्हारी और कोटरी समिति में भी यही हाल है जो कभी कर्ज लिए ही नहीं उनके नाम भी कर्ज दर्ज कर प्रबंधक फर्जी ऋण मुक्ति करवा रहे हैं, चिल्हारी समिति में तो आय कर दाताओं, सरकारी कर्मचारियों के नाम भी फर्जी कर्ज दर्ज कर प्रबंधक की मिली भगत से लाभ लेने की तैयारी है |

अब अगर देखा जाय तो तत्कालीन अमरपुर चौकी प्रभारी विपिन तिवारी के द्वारा दो करोड़ पच्चीस लाख चौंतीस हजार आठ सौ इकहत्तर रुपये के गबन का मामला अपराध क्रमांक 54/18 धारा 420, 409, के तहत दर्ज किया गया था और उसकी जांच भी लगभग पूरी हो गई है लेकिन अभी तक किसी की गिरफतारी नहीं हो पाई है | इस मामले में जब सहायक आयुक्त सहकारिता श्रीमती आरती पटेल से जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि हमारे पास जो शिकायत आ रही है उसकी जांच की जा रही है और सवा दो करोड़ के गबन के मामले में ऍफ़ आई आर हो चुकी है |

इस बारे में जब सहकारी समिति सलैया में मौजूद नोडल अधिकारी पटवारी अनिल कुमार पाठक से बात किया गया तो उनका कहना है कि मेरे को जो काम दिया गया है उसको क्र रहा हूँ और सूची के बारे में बहुत ज्यादा नहीं कह सकता हूँ क्योंकि ये बैंक के द्वारा बनाई गई है और जो किसान कहते हैं कि फौत हो चुके हैं उसमें हम टीप लगा देते हैं और जो किसान कहते हैं कि हम कर्ज लिए ही नहीं हैं उसमें हम कुछ नहीं कह सकते हैं ये जांच का विषय है

जब जिले के पुलिस अधीक्षक डाक्टर असित यादव से अमरपुर चौकी में किसानों द्वारा की गई शिकायत के बारे में बात किया गया तो उनका कहना है कि एक आवेदन हमारे चौकी में आया है उसमं जो सम्बंधित विभाग है जैसे कृषि, को आपरेटिव और राजस्व विभाग हो गया वो लोग जांच करेंगे और उसमें अगर ऐसे तथ्य आते हैं और हमें देते हैं तो कार्यवाई की जायेगी |

इस मामले में जब जिले के कलेक्टर अमर पाल सिंह से बात किया गया तो वो कुछ भी बोलने से मना करते हुए ख दिए कि आप सहकारिता और कृषि से बात कर लें | वहीँ जब जिले के अपर कलेक्टर गंजन सिंह धुर्वे से बात किया गया तो उनका कहना है कि इसमें किसानों के माध्यम से शिकायत प्राप्त हो रही है जिसकी ए आर सी एस के माध्यम से जांच करवाई जा रही है उस जांच में जो भी तथ्य पाए जायेंगे इस पर कार्यवाई की जायेगी गौरतलब है कि प्रदेश सरकार तो अपने वायदे के अनुसार किसानों का कर्ज माफ़ करने में लगी है लेकिन उमरिया जिले के इन्दवार शाखा के अंतर्गत आने वाली सहकारी समितियों के प्रबंधक सरकार को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ अपना घर भरने की तैयारी में लगे हैं ऐसे में आवश्यकता है कि सभी समितियों की जांच करवाई जाकर उनके चल – अचल संपत्तियों की भी जांच करवाई जाय ताकि असलियत सामने आ सके और उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाई किया जाय |

 

 

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