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हाथियों का शाही निमंत्रण

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हाथियों का निमंत्रण, सात दिनों तक विशेष भोजन के साथ – साथ फल और गन्ने सहित गुड़ खिलाकर आवभगत होती है, इसके पहले नहलाते हुए तेल की मालिश और साज सज्जा के अलावा स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको स्वस्थ्य करने दवाई भी दी जाती है।

आपने इंसानों के न्योता, निमंत्रण, दावत तो सुना ही है, लेकिन हाथियों का निमंत्रण सुनकर आपको भी आश्चर्य होगा।
उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ टाइगर रिजर्व में इन दिनों हाथियों का निमंत्रण चल रहा है।


बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सात दिन तक चलने वाले इस आयोजन में हाथियों को विशेष भोजन और आराम के साथ उनकी मालिश भी की जाती है।


बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला गेट के पास रामा कैंप में सभी हाथियों को एक साथ लाकर सात दिनों तक उनकी आवभगत की जाती है‌, और बारह हाथियों में सबसे बुजुर्ग लगभग 80 वर्ष का नर हाथी गौतम है, तो वहीं सबसे छोटी गायत्री 2 वर्ष की है, हाथियों की सुबह से आवभगत शुरू हो जाती है।

आवभगत के बाद हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और महावत का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है, वहीं हाथी महोत्सव को देखने के लिए आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण भी पहुंचते हैं।

वन्य जीव प्रेमी ज्ञानेंद्र तिवारी बताते हैं कि बांधवगढ़ में यह बहुत अच्छी पहल है कि हाथी महोत्सव मनाया जाता है वह भी ऐसे समय मे जब गणेश जी का समय चल रहा है, 7 दिनों तक हाथियों से कोई काम नही लिया जाता है उनकी सेवा की जाती है और ग्रामीण भी बड़ी श्रद्धा के साथ इसमें भाग लेते हैं यह हमारे लिए बहुत ही अच्छी बात है।

वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ रेंजर अर्पित मेराल का कहना है कि हमारे यहां बांधवगढ़ में जितने भी हाथी हैं ये गश्ती के उद्देश्य से या रेस्क्यू के उद्देश्य से अलग – अलग रेंजों में रहते हैं और जैसे हम लोगों का गेट टू गेदर होता है उसी तरह से ये हाथियों का त्योहार है, ये पूरे रेंजों से यहां इकट्ठा होते हैं पूरे हाथी परिवार एक साथ रहते हैं, पूरे महावत एक साथ रहते हैं, अपने अनुभव शेयर करते हैं, अपनी समस्याये बताते हैं, जिस तरह महावतों का इकट्ठा होने होता है उसी तरह हाथियों का भी इकट्ठा होना होता है। यह बांधवगढ़ के लिए बहुत अच्छा है इन 7 दिनों में ये एक साथ रहते हैं हमारे पास 8 मेल और 4 फीमेल हैं, इस बीच जब ये आपस मे मेल करते हैं तो हमारे पास आगे चल कर जब संतति उत्पन्न होती है तो आगे चल कर पालतू हाथी के रूप में ये भविष्य के लिए बहुत अच्छी बात है।

गौरतलब है कि यहां मनाए जाने वाले हाथी महोत्सव में शामिल होने दूर – दूर से लोग आते हैं और अपनी श्रद्धा के हिसाब से बहुत से चीजें इनको खिलाते हैं साथ ही हाथी की नजदीकी का आनंद लेते हैं।

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