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आम आदमी पार्टी का मेनिफेस्टो देख कर सभी दलों के छूट रहे पसीने

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उमरिया – मध्यप्रदेश सहित 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में सामने आए सर्वे रिपोर्ट के चलते भाजपा सकते में हैं। अपने कई सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतार दी है तो वहीं सारे उम्र के बंधनों को समाप्त कर बुजुर्ग नेताओं को भी चुनावी समर में झोंक रही है। वहीं आम आदमी पार्टी भी हर विधानसभा सीट से अपने प्रत्याशी मैदान में उतार रही है। कुछ नामों की घोषणा कर दी है और बाकी की घोषणा करने वाली है। मानपुर 90 विधानसभा क्षेत्र से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष उषा कोल को उम्मीदवार घोषित करने से भाजपा के माथे पर पसीने की लकीर खिंच गई है। ये वही उषा कोल हैं जिनको भाजपा ही अपनी तरफ से पाली नगर पालिका चुनाव में प्रत्याशी घोषित की थी और इन्ही के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह रात में पाली पहुंच कर सभा किये थे और नगर वासियों से नगर विकास का वादा किये थे। क्षेत्रीय विधायक मीना सिंह जी जान से चुनाव प्रचार कर विजय दिलवाई थी और इनको चेयरमैन बनाई थीं। दोनो एक दूसरे के लिए समर्पित रही लेकिन बाद में कुछ ऐसा हुआ कि दूसरे चुनाव में इनको किनारे कर पूर्व कांग्रेस विधायक शकुंतला प्रधान का समर्थन कर उनको चेयरमैन बनाया गया। पीछे का कारण यह भी हो सकता है कि उषा कोल आर्थिक रूप से कमजोर रही और शकुंतला प्रधान उतनी ही मजबूत।


इस बार उषा कोल ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है और भाजपा के प्रतिद्वंद्वी के रूप में मजबूत दीवार बन कर सामने खड़ी हो गई हैं। विधानसभा क्षेत्र में भी लोग आम आदमी पार्टी के मेनिफेस्टो से खुश होकर भरपूर समर्थन दे रहे हैं जिसके चलते भाजपा के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि राजनैतिक गलियारे से चर्चा सामने आ रही है कि पार्टी वर्तमान लोगों पर दांव खेलने से कतरा रही है, फिर भी जब तक नामों की घोषणा नही हो जाती है तब तक कुछ भी कहना बेमानी होगा, ऐसे में आम आदमी के चुनावी समर में कूदने से बाकी पार्टियां चिंतित नजर आ रही हैं।

आम आदमी पार्टी को पसंद करने के मुख्य कारण

हर बेरोजगार को रोजगार मुहैया कराने की गारंटी
जब तक नौकरी नही मिलेगी तब तक 3 हजार रुपया महीना बेरोजगारी भत्ता
लगभग 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जायेगी
नौकरी भर्ती में सिफारिश और भ्रष्टाचार खत्म, पारदर्शिता के साथ आम जनता को नौकरी
दिल्ली की तरह मध्यप्रदेश के सभी बुजुर्गों को उनके पसंद की तीर्थ यात्रा मुफ्त
वहां आना – जाना, रहना, खाना सब मुफ्त
भारतीय सेना और पुलिस के जवान के शहीद होने पर 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि
सभी विभागों के संविदा, प्लेसमेंट, ठेका व अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।
संविदा व ठेका प्रथा बन्द किया जाएगा।

दिल्ली व पंजाब की तरह हर माह, हर घर को 300 यूनिट बिजली फ्री।
मध्यप्रदेश के सभी गांव व शहर को 24 घंटे निर्बाध बिजली।
मध्यप्रदेश के हर बच्चे को अच्छी व फ्री शिक्षा।
दिल्ली की तरह सभी सरकारी स्कूलों को शानदार बनाया जाएगा।
दिल्ली की तरह मध्यप्रदेश में भी प्राइवेट स्कूलों की नाजायज फीस नही बढ़ने देंगे।
सभी कच्चे शिक्षकों को पक्का किया जाएगा।
शिक्षकों के सभी खाली पद भरे जाएंगे।

शिक्षकों को शिक्षण के अलावा अन्य कोई कार्य नही दिया जाएगा।
दिल्ली की तरह मध्यप्रदेश के हर नागरिक के लिए मुफ्त और अच्छे इलाज का इंतजाम किया जाएगा।
दिल्ली की तरह सभी दवाइयां, टेस्ट और ऑपरेशन मुफ्त किए जाएंगे।
दिल्ली की तरह हर गांव और वार्ड में मोहल्ला क्लीनिक खोला जाएगा।
मध्य प्रदेश के सभी मौजूदा सरकारी अस्पतालों को शानदार बनाया जाएगा और नए सरकारी अस्पताल खोले जाएंगे।

सभी रोड एक्सीडेंट में घायल मरीजों को पूरे मध्य प्रदेश में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी।
दिल्ली की तरह मध्य प्रदेश में भी भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
किसी भी सरकारी दफ्तर में काम करवाने के लिए आपको वहां नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली की तरह एक-एक फोन नंबर जारी करके आप उस फोन पर कॉल करके काम बताओ, कोई सरकारी कर्मचारी आपके घर आकर काम करके जाएगा। आपको किसी को रिश्वत देने की आवश्यकता नहीं होगी।

आम आदमी पार्टी के इस मेनिफेस्टो ने सभी पार्टियों की नींद उड़ा दी है। गौरतलब है कि जनता दोनो पार्टियों के कार्यकाल को देख ली है और अब दोनो से ऊब कर तीसरा विकल्प तलाश रही है और उस विकल्प के रूप में लोगों को आम आदमी पार्टी नजर आ रही है।हालांकि यह तो आने वाले दो माह के भीतर ही तय हो जाएगा कि जनता का रुख किस तरफ है।

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